नए भारत के उदय के लिए पीएम मोदी ने दिया मंत्र- वैश्विक सप्लाई चेन के सशक्तिकरण की अपील

नए भारत के उदय के लिए पीएम मोदी ने दिया मंत्र- वैश्विक सप्लाई चेन के सशक्तिकरण की अपील

DESK. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन के ‘जीतो कनेक्ट 2022’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। जीतो दुनिया भर में जैनियों को जोड़ने वाला एक वैश्विक संगठन है जो आपसी नेटवर्किंग एवं व्यक्तिगत बातचीत का एक अवसर प्रदान करते हुए व्यापार और उद्योग जगत की मदद करने का एक प्रयास है.

मोदी ने कहा-'जीतो कनेक्ट' की ये समिट आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान हो रही है। यहां से देश आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। अब देश के सामने अगले 25 वर्षों में स्वर्णिम भारत के निर्माण का संकल्प है। कल ही मैं यूरोप के कुछ देशों का भ्रमण करके और भारत के सामर्थ्य, संकल्पों तथा अवसरों के संबंध में काफी लोगों के चर्चा करके लौटा हूं। जिस तरह की आशा, जिस तरह का विश्वास आज भारत के प्रति खुलकर सामने आ रहा है, ये आप सब भी अनुभव करते हैं। आज भारत के विकास के संकल्पों को दुनिया अपने लक्ष्यों की प्राप्ति का माध्यम मान रही है। Global Peace हो, Global Prosperity हो, Global Challenges से जुड़े solutions हों, या फिर Global supply Chain का सशक्तिकरण हो, दुनिया भारत की तरफ बड़े भरोसे से देख रही है। Area of expertise, area of concern चाहे जो भी हों, विचारों में चाहे जितनी भी भिन्नता हो, लेकिन नए भारत का उदय सभी को जोड़ता है। आज सभी को लगता है कि भारत अब Probability और Potential से आगे बढ़कर वैश्विक कल्याण के एक बड़े purpose के साथ perform कर रहा है। आज देश Talent, Trade और technology को जितना हो सके उतना ज्यादा प्रोत्साहित कर रहा है।

मोदी ने कहा-आज देश हर रोज़ दर्जनों स्टार्टअप्स रजिस्टर कर रहा है, हर हफ्ते एक यूनिकॉर्न बना रहा है। जब से Govt e-Marketplace यानि GeM पोर्टल अस्तित्व में आया है, सारी खरीद एक प्लेटफॉर्म पर सबके सामने होती है। अब दूर-दराज के गांव के लोग, छोटे दुकानदार और स्वयं सहायता समूह सीधे सरकार को अपना product बेच सकते हैं। आज GeM पोर्टल पर 40 लाख से अधिक sellers जुड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य का हमारा रास्ता और मंजिल दोनों स्पष्ट है। आत्मनिर्भर भारत हमारा रास्ता भी है और हमारा संकल्प भी है। ये किसी सरकार का नहीं बल्कि 130 करोड़ देशवासियों का है। बीते सालों में हमने इसके लिए हर जरूरी माहौल बनाने के लिए निरंतर परिश्रम किया है।

मोदी ने EARTH का अर्थ बताते हुए कहा कि E यानि environment की समृद्धि जिसमें हो, ऐसे निवेश को, ऐसी प्रैक्टिस को आप प्रोत्साहित करें। अगले वर्ष 15 अगस्त तक हर जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवर बनाने के प्रयासों को आप कैसे सपोर्ट कर सकते हैं, इस पर भी आप ज़रूर चर्चा करें।

A यानि Agriculture को अधिक लाभकारी बनाने के लिए नैचुरल फार्मिंग, फार्मिंग टेक्नॉलॉजी और फूड प्रोसेंसिंग सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा इन्वेस्ट करें। R यानि Recycling पर, circular economy पर बल दें, Reuse, Reduce और Recycle के लिए काम करें। T यानि Technology को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ले जाएं। आप ड्रोन टेक्टनॉलॉजी जैसी दूसरी आधुनिक टेक्नॉलॉजी को सुलभ कैसे बना सकते हैं, इस पर विचार होना चाहिए। H यानि Healthcare, देश में हर जिले में मेडिकल कॉलेज जैसी व्यवस्थाओं के लिए बहुत बड़ा काम सरकार आज कर रही है। आपकी संस्था इसको कैसे प्रोत्साहित कर सकती है, इस पर जरूर विचार करें।


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