‘वैश्या से भी गया गुजरा है पॉलिटिशियन का चरित्र’... PK से पीएम मोदी तक सबको पप्पू यादव ने जमकर सुनाया, सिर्फ नीतीश को सराहा

‘वैश्या से भी गया गुजरा है पॉलिटिशियन का चरित्र’... PK से पीएम मोदी तक सबको पप्पू यादव ने जमकर सुनाया, सिर्फ नीतीश को सराहा

पटना. नीतीश कुमार की नीतियों की आलोचना करने वाले राजनितीक रणनीतिकार प्रशांत किशोर को निशाने पर लेते हुए जाप नेता पप्पू यादव ने बुधवार को कहा कि पीके जिस नीतीश कुमार को पिता बताते थे अब उसे ही गाली देते हैं. पीके ने सार्वजनिक रूप से नीतीश की तारीफ करते हुए उन्हें पिता की भांति बताया था, वही आज नीतीश को गाली दे रहे हैं. पीके की कोई विश्वसनीयता नहीं है. वे सिर्फ अपने को श्रेष्ठ बताने में लगे रहते हैं. 

पप्पू यादव ने इस दौरान राजनेताओं के चरित्र और विचारधारा को लेकर भी सख्त टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञों का कोई कैरेक्टर नहीं है वह वैश्या से ज्यादा गया गुजरा होते हैं. वेश्या का कैरेक्टर ज्यादा अच्छा है बनिस्बत पॉलीटिशियंस के. गिरगिट गिरता है तब रंग बदलता है लेकिन पॉलीटिशियन बिना गिरे रंग बदल देते हैं. उन्होंने बिना किसी का नाम लिया राजनेताओं की बयानबाजी और टीका टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेने की बात कही. 

भाजपा और सुशील मोदी पर भी पप्पू यादव ने जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को लेकर सुशील मोदी आए दिन बेबुनियाद बातें करते हैं. सुशील मोदी की बातो पर चिंता करने की जरूरत नहीं है. केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पप्पू ने कहा कि जहां असीम झूठ और फरेब रहा, जहां दुष्टता है जहां बिना काम की मार्केटिंग है नीतीश कुमार उसके खिलाफ आवाज मुखर की है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में काम करने की कोई इच्छाशक्ति नहीं है. सिर्फ झूठा प्रचार होता है. वहीं नीतीश कुमार व्यक्तिगत रूप से काम करने के प्रति सजग दिखते हैं. 

पप्पू यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी बताएं कि उन्होंने क्या काम किया है? ब्लैक मनी, नोटबंदी, नौकरी, जीएसटी, किसानों की यूएसपी कोई एक मुद्दा बताएं जिस पर मोदी सरकार में जनहित की दिशा में काम हुआ हो. चाहे बिहार का विशेष राज्य का मुद्दा हो उसमें भी मोदी सरकार राज्य के हितों की अनदेखी कर रही है. जी-20 को लेकर पीएम मोदी मोदी के द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सीएम नीतीश कुमार के नहीं शामिल होने को सही निर्णय बताते हुए पप्पू यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी सिर्फ मीडिया ट्रायल के लिए बैठक बुलाए थे. वे चाहते हैं कि वहां भी सब बैठकर सिर्फ ‘मोदी-मोदी’ का नारा लगाएं. नीतीश कुमार ने बिहार के अधिकार और हित में शालीनता से बैठक में शामिल नहीं होने का निर्णय लेकर बिल्कुल सही किया.  


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