प्रसिद्ध धर्मनाथ मंदिर का पुजारी अप्राकृतिक यौनाचार के आरोप में जेल में बंद, धार्मिक न्यास बोर्ड ने लिया यह फैसला

प्रसिद्ध धर्मनाथ मंदिर का पुजारी अप्राकृतिक यौनाचार के आरोप में जेल में बंद, धार्मिक न्यास बोर्ड ने लिया यह फैसला

छपरा. बिहार के चर्चित और छपरा नगर निगम क्षेत्र में स्थित धर्मनाथ मंदिर रतनपुरा को राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने अधिग्रहित कर लिया है। अब इस मंदिर के अध्यक्ष सदर एसडीओ होंगे। इसके लिए कमेटी का भी गठन कर दिया गया है, जिनमें सचिव समेत अन्य 11 सदस्यों को भी जोड़ा गया है। न्यास बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि धर्मनाथ मंदिर के संबंध में सभी पक्षों की सुनवाई की गई है। साथ ही अंचलाधिकारी के रिपोर्ट का भी अवलोकन किया गया एवं दाखिल दस्तावेजों के आधार पर इस न्यास को सार्वजनिक धार्मिक न्यास घोषित किया जाता है। साथ ही इस न्यास का रजिस्ट्रेशन परिषद में किया जाता है। इस न्यास का रजिस्ट्रेशन संख्या 374 दिया गया है।

गंभीर आरोप में पुजारी हटाए गए

बोर्ड के अध्यक्ष ने अपने अधिसूचना में बताया है कि पूर्व में इस न्यास के पुजारी के रूप में बिंदेश्वरी पर्वत थे, जिन पर गंभीर आरोप था और उन पर मुकदमा दर्ज हुआ है। वे जेल में है। ऐसे में उन्हें पुजारी पद से हटा दिया गया है। नई न्यास समिति पुजारी का चयन कर सकती है.  न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा बेहतर प्रबंधन और सम्यक विकास के लिए एसडीओ सदर से एक कमेटी गठित करने की मांग की गई, जिसके बाद उन्होंने 11 नामों की सूची उपलब्ध कराई और कमेटी का गठन कर दिया गया है।

इस कमेटी में एसडीओ पदेन अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा राजेश कुमार उपाध्यक्ष होंगे। राकेश कुमार को सचिव पद पर मनोनीत किया गया है। प्रीतम कुमार यादव को कोषाध्यक्ष, शंकर देव सिंह, विभूति नारायण शर्मा, राज कपूर प्रसाद, कृष्ण देव राय, विजय कुमार, मुन्ना कुमार और राहुल रंजन उपाध्याय को सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। न्यास बोर्ड की राज्य टीम ने शुक्रवार को मंदिर का भ्रमण भी किया।

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