खुलासाः प्रधान सचिव-DM साहब और इंडिगो मैनेजर की थी जबरदस्त तिकड़ी, दो वरिष्ठ अधिकारियों को मालूम है.....

खुलासाः प्रधान सचिव-DM साहब और इंडिगो मैनेजर की थी जबरदस्त तिकड़ी, दो वरिष्ठ अधिकारियों को मालूम है.....

PATNA: राजधानी पटना में हाईप्रोफाइल रूपेश मर्डर केस में पुलिस के हाथ खाली हैं. अब यह मामला पूरे तौर पर उलझते हुए दिख रहा है। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने बड़ा बम फोड़ा है। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने आईएएस अफसरों पर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। पूर्व सांसद ने बिहार के एक डीएम और एक प्रधान सचिव जो सीएम नीतीश के काफी करीबी माने जाते हैं उन पर आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया है. जानकार सूत्र बताते हैं कि प्रधान सचिव-एक जिले के डीएम और रूपेश सिंह के बीच खूब छनती थी। प्रधान सचिव की जोरदार सिफारिश पर ही उन्हें फिर से डीएम की कुर्सी दी गई है।  

प्रधान सचिव और डीएम में खूब छनती है

विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि जिस आईएएस अधिकारी पर दूसरे जिले में डीएम रहते हुए गंभीर आरोप लगे थे और आवास पर रेड किया गया था उन्हें फिर से डीएम की जिम्मेदारी किसी दूसरे ने नहीं बल्कि उसी प्रधान सचिव ने बनवाया था। उनकी पैरवी पर ही फिर से उन्हें डीएम बनाया गया था। हाऊस के करीबी प्रधान सचिव की विशेष कृपा से ही वे करीब एक साल पहले डीएम बने थे। जिम्मेदार सूत्रों ने न्यूज4नेशन को बताया कि तीनों के बीच काफी नजदीकी रिश्ते थे। बताया जाता है कि तीनों के बीच कई तरह की बातें शेयर होती थीं.जानकारी के अनुसार आज के प्रधान सचिव काफी पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे और विभागीय मंत्री के निजी सचिव थे।

डीएम और प्रधान सचिव पर सनसनीखेज आरोप

पप्पू यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुलेआम आरोप लगा दिया कि रूपेश हत्याकांड में कहीं न कहीं आईएएस अधिकारियों की संलिप्तता है। पप्पू यादव ने सीधे आरोप लगाया कि एक डीएम जिन पर पहले से ही गंभीर हैं उन्होंने ही 70 क्रिमिनल को लाईसेंस दिया है। वैसे अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में है। पूर्व सांसद ने कहा कि जिस अधिकारी पर सीबीआई की जांच चल रही हो उसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सचिवालय में भी बड़ा पोस्ट दिया,इसके बाद जिला में डीएम के पद पर पदस्थापित किया है।  ऐसे अधिकारी सत्ता में बने रहेंगे तो बिहार का क्या होगा . पप्पू यादव ने एक जिले में तैनात उक्त डीएम को सस्पेंड करने की मांग किया है।

नेता के यहां भी पैसा जाता था-पप्पू

पप्पू यादव ने आगे कहा कि रूपेश सिंह के खाते से एक नेता के यहां भी पैसा जाता था,आखिर वो नेता कौन है? इसकी भी पड़ताल होनी चाहिए। रूपेश सिंह तो एयरपोर्ट पर काम करते थे.आखिर उक्त नेता से तो उन्हें एयरपोर्ट से ही संबंध बना होगा. 

सभी बड़े अधिकारियों की संपत्ति की हो जांच

पप्पू यादव ने बिहार के बड़े प्रशासनिक अधिकारी जो प्रधान सचिव हैं उनकी तस्वीर को मीडिया में दिखाते हुए पूछा कि उनके साथ ये पांच लड़कियां विदेश दौरे क्यों गई थी ? उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से मेरा आग्रह है कि अगर आप बिहार से अपराध खत्म करना चाहते हैं तो शराब,बालू और जमीन से धन कमाये व्यक्ति की संपत्ति का ब्योरा लें और ईडी से जब्त करवाएं. इतना ही नहीं सारे आईपीएस,आईएएस, चीफ इंजीनियर की संपत्ति की जांच हो.


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