इस बार चालाकी धरी गई और हो गए 'सस्पेंड', भ्रष्टाचार केस में SVU रेड के बाद भी निलंबित नहीं हुए थे उत्पाद अधीक्षक

इस बार चालाकी धरी गई और हो गए 'सस्पेंड', भ्रष्टाचार केस में SVU रेड के बाद भी निलंबित नहीं हुए थे उत्पाद अधीक्षक

पटना. भ्रष्टाचार के आरोपी उत्पाद अधीक्षक इस बार फंस गए। पोल खुली तो के.के. पाठक ने तुरंत ही सस्पेंड कर दिया। उत्पाद अधीक्षक इससे पहले भ्रष्टाचार के मामले में निलंबन से बच चुके थे. आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसवीयू ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद भी मद्य निषेध विभाग ने उन्हें निलंबित नहीं किया था। 

दरअसल, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष निगरानी इकाई ने 2021 दिसंबर में मोतिहारी के तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक अविनाश प्रकाश के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद भी मद्य निषेध विभाग ने उन्हें निलंबित नहीं किया था। सिर्फ मोतिहारी से स्थानांतरित किया गया। कुछ दिनों के बाद अविनाश प्रकाश को बेगूसराय में उसी पोस्ट पर भेज दिया गया। तब विभाग के इस निर्णय पर सवाल भी खड़े हुए थे। इस बार अविनाश प्रकाश की चालाकी धरी गई और सस्पेंड कर दिया गया है। मद्द निषेध उत्पाद व निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश पर बेगूसराय के अधीक्षक उत्पाद अविनाश प्रकाश को सस्पेंड कर दिया गया है।

 21 दिसंबर को मद्य निषेध उत्पाद विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में बेगूसराय के अधीक्षक अविनाश प्रकाश शामिल नहीं हुए .फोन करने पर पता चला कि वह दिल्ली में है. विभाग ने इसे काफी गंभीर मामला बताया. आदेश में कहा है कि जहरीली शराब की घटना से विभाग से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं। इसके बाद भी बेगूसराय के अधीक्षक उत्पाद ने बिना जानकारी दिए मुख्यालय से बाहर हैं। यह घोर लापरवाही का प्रतीक है। ऐसे में उन्हें निलंबित करते हुए अररिया अटैच कर दिया गया है ।

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