राहुल गांधी का आरोप- देश में संस्थाओं पर कब्जा कर बनाया जा रहा है डर और नफरत का माहौल

राहुल गांधी का आरोप- देश में संस्थाओं पर कब्जा कर बनाया जा रहा है डर और नफरत का माहौल

DESK. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि देश में संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया है, डर और नफरत का माहौल फैलाया गया है, ऐसे में 'भारत जोड़ो यात्रा' के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। कांग्रेस नेता ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘भारत में पिछले आठ साल से डर का माहौल है। नफरत और हिंसा फैलाई जा रही है। शायद भाजपा के नेता किसानों और युवाओं से बात नहीं करते। अगर वो बात करते तो पता चलता कि युवाओं और किसानों को आगे रास्ता नजर नहीं आ रहा है। इस माहौल के खिलाफ खड़े होने के लिए हमने यह यात्रा शुरू की है।'

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘आमतौर पर लोकतंत्र में एक राजनीतिक दल दूसरे राजनीतिक दल से लड़ता है। संस्थाएं इस लड़ाई के मैदान में निष्पक्षता कायम रखती हैं। आज ऐसा नहीं है। आज एक तरफ देश की सभी संस्थाएं खड़ी हैं। भाजपा का मीडिया संस्थाओं पर नियंत्रण है। न्यायपालिका पर दबाव डाला जाता है।'

यह पूछे जाने पर कि क्या वह 2024 में विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे तो राहुल गांधी ने कहा, ‘यह ध्यान भटकाने का बहुत अच्छा तरीका है। इस सवाल के बारे में सोचा नहीं हैं। हमने यात्रा शुरू की है, हम कश्मीर तक जाएंगे और तिरंगा लहराएंगे।' यात्रा के प्रभाव के असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं ज्योतिषी नहीं हूं, हालांकि इसका सकारात्मक असर होगा।


राहुल गांधी ने विनायक सावरकर के ‘माफीनामे' की एक प्रति दिखाते हुए दावा किया, ‘सावरकर जी ने अंग्रेजों की मदद की। उन्होंने अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहा - सर, मैं आपका नौकर रहना चाहता हूं।' राहुल गांधी ने यह दावा भी किया, ‘जब सावरकर जी ने माफीनामे पर हस्ताक्षर किए तो उसका कारण डर था। अगर वह डरते नहीं तो वह कभी हस्ताक्षर नहीं करते। इससे उन्होंने महात्मा गांधी और उस वक्त के नेताओं के साथ धोखा किया।' उन्होंने कहा कि देश में एक तरफ महात्मा गांधी की विचारधारा है और दूसरी सावरकर से जुड़ी विचारधारा है।


Find Us on Facebook

Trending News