RCP बाबू ये कैसा साथ ? CM नीतीश को अपना नेता भी बताया और जातीय जनगणना की मांग पर नहीं दिया साथ, साफ-साफ बोलने से कतराते रहे

RCP बाबू ये कैसा साथ ? CM नीतीश को अपना नेता भी बताया और जातीय जनगणना की मांग पर नहीं दिया साथ, साफ-साफ बोलने से कतराते रहे

PATNA: मोदी कैबिनेट में शामिल होने के बाद पहली दफे पटना पहुंचे आरसीपी सिंह का जेडीयू कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। रोड-शो के दौरान आरसीपी सिंह की तबियत खराब हो गई थी। डॉक्टरों के उपचार के बाद वे जेडीयू कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित किया। हालांकि इस दौरान आरसीपी सिंह ने जातीय. जनगणना पर साफ-साफ बोलने से बतचे दिखे। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना नेता बताते रहे लेकिन उनके जातीय जनगणना की बात पर साफ-साफ बोलने से बचते दिखे। कई बार उसे इस संबंध में सवाल किया गया लेकिन वे इतिहास की बात करते दिखे।

केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने कहा कि जेडीयू के कार्यकर्ता जमीन पर काम करते हैं. 11 सालों में हमारा संगठन बूथ स्तर पर पहुंच गया है। हम सब लोगों का एक परिवार है। हमारे मंत्री बनने से हरके कार्यकर्ताओं को लगता है हम ही मंत्री बने हैं. हमलोगों ने संगठन में जिस प्रकार से काम किया है उससे कार्यकर्ताओं में उत्साह होना लाजिमी है। एक बात समझिए,केंद्र में एनडीए और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। इसका फायदा बिहार को होगा। 

आरीसीपी सिंह ने कहा कि जब मनमोहन सिंह की सरकार थी तब बिहार को स्पेशल स्टेटस की मांग को लेकर हमारे नेता नीतीश कुमार ने समय मांगा था। तब समय नहीं दिया गया था। जब उनसे जातीय जनगणना से संबंधित सवाल पूछा गया तो वे साफ बोलने से कतराते रहे। उन्होंने कहा कि जनगणना को लेकर जान लीजिए, हमारे यहां मगध सामाज्रय था तब भी बात आती थी।तब लक्ष्य था कि ज्यादा से ज्यादा टैक्स वसूली हो .इसको लेकर जनगणना की होती थी। पहली बार 1878 में जनगणना हुआ। हरेक दस साल के बाद जनगणना होता है। पहले भी कास्ट का कॉलम होता था. आजाद भारत में 1951 में जब पहली बार जनगणना हुआ तो इस कॉलम हटाया गया। हमलोग जातीय जनगणना की मांग करते रहे हैं. कई पार्टियों की तरफ से मांग की जाती रही हैं. जनगणना में एससी-एसटी की काउंटिग होती है। संविधान में प्रावधान है कि जितनी आबादी होगी उतनी भागीदारी होगी। लिहाजा एससी-एसटी वर्ग की काउंटिग होती है। पिछड़े-अति पिछडे और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण अब उस तरह का मुद्दा नहीं है। 

हमारे नेता का मूल मंत्र है न्याय के साथ विकास। राजद पर हमला बोलते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि जो पार्टी धरना देने की बात कर रही है वो भी सात-निश्चय लागू करते समय साथ थी। हमारे नेता समावेशी विकास की बात करते हैं. केंद्र और बिहार की गाड़ी बहुत आगे बढ़ गई है। जनगणना का काम गृह मंत्रालय करता है। 2011 में कांग्रेस की सरकार ने एक सर्वे कराया. शहरी विकास मंत्रालय ने सामाजिक-आर्थिक जनगणना कराया । बहुत सारे स्टेट हैं जो सर्वे कराते हैं। हमारे नेता इससे बहुत आगे चले गये हैं. समाज के सारे लोगों का विकास हमारे नेता का लक्ष्य है।

जेडीयू में मतभेद और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मनमुटाव की खबरों पर आरसीपी सिंह ने कहा कि ललन बाबू और हममे क्या संबंध है यह विपक्षियों को पता चलेगा?  हम सब लोगों के नेता नीतीश बाबू हैं. यहां किसी प्रकार का गुट और बात नहीं है। सबका सपना है बिहार को विकसित प्रदेश बनाना। केंद्र में हमलोग इसी लिए शामिल हुए कि बिहार का और विकास हो। 2025 तक बिहार में मजबूती तक सरकार चलेगी। 

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