BIHAR NEWS : मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना में 16 करोड़ रूपये का घोटाला, आरटीआई से उजागर हुआ मामला

BIHAR NEWS : मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना में 16 करोड़ रूपये का घोटाला, आरटीआई से उजागर हुआ मामला

BHAGALPUR : सात निश्चय योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके बावजूद इस योजना में आये दिन घोटाले के मामले सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में रंगरा प्रखंड की मदरौनी पंचायत में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के मद में 16 करोड़ रुपए के घोटाले का मामला उजागर हुआ है। घोटाले का खुलासा तब हुआ जब  मदरौनी गांव निवासी नरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रखंड कार्यालय से पंचायत में सात निश्चय योजना के तहत कराए गए विकास कार्यों की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी। इसके बाद प्रखंड प्रभारी सह नवगछिया डीसीएलआर परमानंद साह ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अजय कुमार झा को इसकी भौतिक जांच कर रिपोर्ट मांगी। डीसीएलआर कार्यालय के पत्रांक 396 दिनांक 10/ 04/21 के आलोक में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी ने जांच के बाद डीसीएलआर को 3 अक्टूबर 2021 को 17 पन्नों की जांच रिपोर्ट सौंपी। जिसमें बताया गया है कि मदरौनी पंचायत के वार्ड 1, 2, 3, 4, 7 व 8 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत वार्ड क्रियान्वयन समिति के खाते में 16 करोड़ 90 लाख 675 रुपए उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद वार्ड क्रियान्वयन समिति ने कार्य एजेंसी अभिराज इंटरप्राइजेज को 16 करोड़ 27 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। राशि निर्गत होने के बाद एजेंसी की ओर से वार्डों में 8 करोड़ 34 लाख 9200 रुपए के कार्य का दावा किया गया है। मगर ग्रामीणों की मानें तो धरातल पर कहीं भी कार्य नहीं दिख रहा है। अगर एजेंसी के दावे को मान भी लें, फिर भी 7 करोड़ 6 लाख 77 हजार 798 रुपए का कार्य अब तक नहीं हो पाया है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2017-18 , 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में बैंक से निकाली गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उक्त राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति के सदस्यों की मिलीभगत से एजेंसी द्वारा गबन करने की आशंका है।

मुखिया ने खुद खोल रखी थी एजेंसी, कंपनी के खाते में ट्रांसफर कराए 16 करोड़

मदरौनी पंचायत के मुखिया अजीत कुमार मुन्ना ने अभिराज इंटरप्राइजेज के नाम से खुद की कंपनी खोल रखी थी। कंपनी का मालिक अपने पिता को बनाया था। 16 करोड़ की राशि अपने ही कंपनी अभिराज इंटरप्राइजेज के खाते में वार्ड क्रियान्वयन समिति द्वारा ट्रांसफर करा लिया। इस गड़बड़झाले में वार्ड सदस्य, वार्ड क्रियान्वयन समिति के सचिव, मुखिया सहित प्रखंड के अधिकारियों तक की मिलीभगत का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र प्रसाद सिंह के अलावा ग्रामीण प्रभात सिंह, रामजी राय, मधुसूदन सिंह, ब्रजेश सिंह, गोपाल सिंह, छोटू कुमार, लाल सिंह, महेंद्र ठाकुर, अंबिका मिश्र, बाबूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री, निगरानी विभाग व डीएम से पंचायत में हुए विकास कार्यों में घोटाले की शिकायत की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

एजेंसी जल्द काम पूरा नहीं करेगी तो दोषियों पर दर्ज होगी एफआईआर

इस मामले को लेकर रंगरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी विरेंद्र कुमार ने कहा की पूर्व में मामला मेरे संज्ञान में भी आया था। डीसीएलआर के निर्देश पर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट जिला कार्यक्रम पदाधिकारी व डीएम को भी सौंपी गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद मुखिया एवं कार्य एजेंसी को जल्द कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया था। कुछ कार्य को पूरा भी किया गया। बाकी काम जल्द पूरा नहीं किया गया तो वार्ड क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष एवं सचिव पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही राशि की वसूली की जाएगी।

भागलपुर से बालमुकुन्द की रिपोर्ट

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