20 लाख रूपये सुपारी देकर कराई गई थी RTI कार्यकर्त्ता विपिन अग्रवाल की हत्या, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

20 लाख रूपये सुपारी देकर कराई गई थी RTI कार्यकर्त्ता विपिन अग्रवाल की हत्या, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

MOTIHARI : मोतिहारी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अरेराज एएसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दो बदमाशो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशो के पास से एक पिस्टल व छह जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। पुलिस ने सुगौली थाना के रायपट्टी भटहा से दोनों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशो की पहचान अजय सिंह व विजय सिंह के रूप में कई गई है। गिरफ्तार बदमाशों ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया है कि हरसिद्धि बाजार के करोड़ो की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या की गई थी। पुलिस ने पूर्व में ही सुपारी किलर सहित घटना में शामिल आधा दर्जन लोगो को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मोतिहारी एसपी नवीन चन्द्र झा ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि हरसिद्धि थाना के RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्याकांड में शामिल दो बदमाश सुगौली थाना क्षेत्र के भटहा में अपने घर पर छिपे है। सूचना पर अरेराज डीएसपी सह एएसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्ता,अरेराज ओपी सुधीर कुमार,टेक्निकल प्रभारी मनीष कुमार सहित दस सदस्यीय टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने छापेमारी कर एक पिस्टल व छह गोली सहित अजय सिंह व विजय सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशो ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि RTI कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या हरसिद्धि बाजार की करोड़ो की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाने को लेकर हत्या किया गया है। उन्होंने हत्या में पूर्व से नाम आये सभी अपराधी व साजिशकर्ता के शामिल होने की बात स्वीकार किया है। पुलिस गिरफ्तार दोनों अपराधियों से से पूछताछ में जुटी है। घटना में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।


बता दें की हरसिद्धि प्रखंड के गेट पर 24 सितंबर को बाइक सवार अपराधियो ने दिनदहाड़े आरटीआई कार्यकर्ता को गोलियों से छलनी कर दिया था। जिनकी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई थी। घटना के एक सप्ताह बाद छौड़ादानो थाना अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में एसआईटी टीम ने दो सुपारी किलर को हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार अपराधियो ने पुलिस के समक्ष स्वीकारात्मक बयान में बताया था कि हरसिद्धि बाजार की करोड़ो की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के केस दर्ज करने को लेकर RTI कार्यकर्ता की हत्या किया गया था। अतिक्रमणकारियों ने 20 लाख की सुपारी देकर हत्या कराया था। पुलिस गिरफ्तार अपराधियो के निशानदेही पर सुपारी के लिए फंडिंग करने वाले व हत्या में शामिल अपराधियो की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। वही घटना के तीन माह गुजरने के बाद कार्रवाई नही होते देख आरटीआई कार्यकर्ता की पत्नी व परिजनों ने 21 दिसम्बर को अरेराज सुगौली मुख्य मार्ग को घंटो जाम किया था।


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