बसंत पंचमी के दिन स्टूडेंट ऐसे करें माँ सरस्वती की आराधना, मिलेगी अपार कृपा

बसंत पंचमी के दिन स्टूडेंट ऐसे करें माँ सरस्वती की आराधना, मिलेगी अपार कृपा

N4N Desk: माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती पूजा मनाया जाता है. मां सरस्वती ज्ञान, संगीत और कला की देवी मानी जाती हैं. धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि इसी दिन शब्दों की शक्ति ने मनुष्य के जीवन में प्रवेश किया था. वसंत पंचमी पर विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने देवी सरस्वती से खुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि बसंत पंचमी के दिन तुम्हारी आराधना की जाएगी।बसंत पंचमी  स्टूडेंट धूमधाम से मनाते है. अगर आप इस विधि-विधान से पूजा करेंगे तो आपको अपार कृपा मिलेगी।

1. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने के लिए सबसे पहले सरस्वती की प्रतिमा रखें.

2. कलश स्थापित कर सबसे पहले भगवान गणेश का नाम लेकर पूजा करें. 

3. सरस्वती माता की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आमचन और स्नान कराएं.

4. माता को पीले रंग के फूल अर्पित करें, माला और सफेद वस्त्र पहनाएं फिर मां सरस्वती का पूरा श्रृंगार करें.

5. माता के चरणों पर गुलाल अर्पित करें.

6. सरस्वती मां पीले फल या फिर मौसमी फलों के साथ-साथ बूंदी चढ़ाएं. 

7. माता को मालपुए और खीर का भोग लगाएं.

8. सरस्वती ज्ञान और वाणी की देवी हैं. पूजा के समय पुस्तकें या फिर वाद्ययंत्रों का भी पूजन करें.

9. कई लोग बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन हवन से करते हैं. अगर आप हवन करें तो सरस्वती माता के नाम से 'ओम श्री सरस्वत्यै नम: स्वहा" इस मंत्र से एक सौ आठ बार जाप करें.

10. साथ ही संरस्वती मां के वंदना मंत्र का भी जाप करें.

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता 

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। 

या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता 

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥ 


शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं 

वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌। 

हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌ 

वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥२॥ 

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