सनातन धर्म में छुपा है हमेशा खुश रहने का रहस्य....

सनातन धर्म में छुपा है हमेशा खुश रहने का रहस्य....

DESK : कहते है वेद ,पुराण और महाभारत में मनुष्य के सभी परेशानियों का हल छुपा हुआ है. इसमें हमें ये भी बताया गया है अपनी दैनिक जीवन की शरुआत कैसे करनी चाहिए की हम तमाम परेशानियों से हमेशा मुक्त रहें हमेशा उर्जावान और खुश रहें.जानते हैं अपने दिन की शरुआत कैसे करें...     


स्नान : महाभारत में कहा गया है कि जो मनुष्य रोज सुबह सूरज उगने से पहले नहा लेता है उसकी उम्र लंबी होती है, सुबह जल्दी नहाने से दिनभर ऊर्जा से भरा महसूस होता है इससे सकारात्मक विचार आते हैं.


सूर्य नमस्कार या अर्घ्य देना :वेदों और पुराणों में कहा गया है कि उगते हुए सूरज को नमस्कार कर के अर्घ्य देना चाहिए सुबह-सुबह सूर्य की जो किरणें शरीर पर पड़ती है उनसे मानसिक और शारीरिक परेशानियां दूर होती हैं.

दान : महाभारत का कहना है कि हर इंसान को अपनी श्रद्धा के मुताबिक रोज कुछ न कुछ दान जरूर करना चाहिए.वैज्ञानिक नजरिये से देखा जाए तो दान का साइकोलॉजिकल महत्व भी है।


हवन या दीपक लगाना: वैदिककाल से ही हवन करने की परंपरा चली आ रही है. कुछ वैज्ञानिकों ने बताया है कि औषधीय लकड़ियों के इस्तेमाल से किए गए हवन के धुएं से वातावरण शुद्ध होता है.

धूप-दीप लगाना:धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि हर दिन भगवान को धूप-दीप दर्शन करवाना चाहिए .हमारे ऋषि-मुनियों ने ये परंपरा प्रकृति को बचाने और उसे धन्यवाद देने के लिए बनाई है.


जप और ध्यान:सनातन परंपराओं में जप और ध्यान को भी बहुत खास माना गया है किसी मंत्र को बार-बार जपने और मेडिटेशन से कांसन्ट्रेशन बढ़ता है इससे डिप्रेशन, नींद की कमी और कई तरह की मानसिक परेशानियों से बचा जा सकता है.


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