पटना पुलिस का खौफनाक चेहरा! जेल से रिहा होते ही कैदी का अपहरण, फिर रची एनकाउंटर की साजिश, हाईकोर्ट में याचिका दायर
पटना पुलिस के दो अधिकारियों और भागलपुर जेल अधीक्षक के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। आरोप है कि जमानत पर छूटे आरोपी का अपहरण कर उनका एनकाउंटर करने की कोशिश की गई और नाकाम होने पर फर्जी तरीके से हथियार प्लांट कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
Patna - बिहार पुलिस के कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। पटना सिटी के चौक थानाध्यक्ष मंजीत ठाकुर, दरोगा गौरव कुमार और भागलपुर भागलपुर जेल अधीक्षक राजीव झा के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल रिट याचिका दायर की गई है। आरोप है कि पुलिस ने जेल से रिहा हुए एक व्यक्ति का सादे लिबास में अपहरण किया और उसे फर्जी एनकाउंटर में मारने की साजिश रची।
जेल गेट से अपहरण और एनकाउंटर की धमकी
याचिका के अनुसार, अविनाश श्रीवास्तव को 29 नवंबर 2025 की सुबह भागलपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा किया गया था। जैसे ही वे बाहर आए, सादे लिबास में आए दो लोगों ने उनके साथ हाथापाई की और जबरन गाड़ी में बिठा लिया। आरोप है कि उन्हें बरौनी और सबलपुर थाना ले जाया गया, जहाँ पुलिसकर्मी कथित तौर पर उनका एनकाउंटर करने की जगह तलाश रहे थे।
हथियार प्लांट कर बनाया वीडियो
अविनाश की पत्नी ने अधिवक्ता ओम प्रकाश कुमार के माध्यम से कोर्ट को बताया कि उनके पति को पटना के चौक थाना में पीछे के रास्ते से लाया गया। आरोप है कि 1 दिसंबर की आधी रात को उन्हें एक आरओबी (ROB) के पास ले जाकर जबरन जेब में गोलियां और कमर में देशी कट्टा खोंस दिया गया। फिर जान से मारने की धमकी देकर एक 'कन्फेशन वीडियो' बनाया गया, जिसमें अविनाश से जबरन अपराध कबूल करवाया गया।
हाईकोर्ट से गुहार: CCTV और टावर लोकेशन की हो जांच
अधिवक्ता ने कोर्ट से प्रार्थना की है कि पुलिसकर्मियों द्वारा रची गई इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जाए। इस मामले ने बिहार के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसमें थानाध्यक्ष स्तर के अधिकारी पर सीधे अपहरण और फर्जी केस बनाने का आरोप लगा है।