बिहार में सीबीजी प्लांट को प्रोत्साहित करने के लिए पटना में सेमिनार का आयोजन, उद्योग मंत्री बोले- प्लांट लगाने वालों को हर संभव मदद की जाएगी

बिहार में सीबीजी प्लांट को प्रोत्साहित करने के लिए पटना में सेमिनार का आयोजन, उद्योग मंत्री बोले- प्लांट लगाने वालों को हर संभव मदद की जाएगी

पटना. कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) के उपयोग को बढ़ावा देने और उद्यमियों को बिहार राज्य में सीबीजी प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 14 जून 2022 को अशोक हॉल, मौर्य होटल, पटना में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विधिवत उद्धाटन मुख्य अतिथि बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक, कृषि विभाग के स्पेशल सचिव रबीन्द्र नाथ रॉय और कार्यकारी निदेशक विभाष कुमार की उपस्थिति में किया।

अपने संबोधन में उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कोविड काल के विषम परिस्थिति में भी राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए इंडियन ऑयल की प्रशंसा की एवं राज्य में सीबीजी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयास का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिहार अवसरों की भूमि है। यहां कृषि अवशेषों पशु अपशिष्ट और अनय् अपशिष्ट पदार्थों से कम्प्रेस्ड बायो गैस का उत्पादन करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद है। जलवायु परिवर्तन ने हमें हरित ईंधन की ओर बढ़ने के लिए मजबूर किया है और यह उद्यमियों और ग्राहकों के लिए स्वच्छ ईंधन को अपनाने का एक अवसर है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बिहार सरकार राज्य में सीबीजी मूल्य श्रृखंला स्थापित करने के लिए नियमानुसार हर संभव मदद करेगी।

वहीं  संदीप पौंड्रिक ने अपने संबोधन में कहा कि सीबीजी संयंत्रों की स्थापना से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। आयात पर निर्भरता कम होगी, विशेष रूप से अर्ध शरही और ग्रामीणों क्षेत्रों में रोजगार सृजित होंगे और सभी को परिवहन के लिए किफायती दर पर स्चच्छ ईंधन चुनने का अवसर भी मिलेगा।

साथ ही प्रतिभागियों को संबंधोति करते हुए विभाष कुमार ने कहा कि इंडियन ऑयल हमेशा देश में अक्षय ऊर्जा की स्थापना करने में अग्रणी रहा है और उद्यमियों को भारत सरकार की एसएटीएटी योजना के तहत सीबीजी संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने सीबीजी व्यवसाय के विकास और भविष्य की संभावना पर भी विस्तार से उपस्थित लोगों को बताया।

इस अवसर पर कृषि विभाग के स्पेशल सचिव रबींद्र नाथ रॉय ने भी अपने विचार रखे और बिहार में सीबीजी के संभानाओं के बारे में चर्चा की। वहीं इंडियन ऑयल के महाप्रबंधक विजय कुमार ने एक पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से एसएटीएटी योजना और कम्प्रेस्ड बायो गैस पर विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों के मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए सेमिनार के अंत में एख खुला सत्र भी आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बिहार राज्य से लगभग 200 प्रतिभागियों भाग लिया।

उल्लेखनीय है कि देश के जैविक अपशिष्ट प्रवाह को उपयोगी ऑटोमोटिव ग्रेड ईंधन में परिवर्तित करने के लिए 1 अक्टूबर 2018 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत कम्प्रेस्ड बायो गैस पर सतत योजना शुरू की गयी थी। इस योजना में विभिन्न  उपलब्ध अपशिष्ट जैसी कृषि अवशेष, चीनी मिल अपशिष्ट, मवेशी गोबर आदि से 5000 पौधों से 15 मिलियन टन सीबीजी के उत्पादन की परिकल्पना की गई है। सीबीजी में सीएनजी के समान वशेषताएं और कैलोरी मान हैं और इसे हरित नवीकरणीय मोटर वाहन और औद्योगिक ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है। सीबीजी का उत्पादन सरकार के दूसरे लक्ष्यों जैसे भारत के जलवायु परिवर्तन शमन, जीवाश्म ईंधन के प्रतिस्थापन के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षित, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत मिशन को भी हासिल करेगा। किण्वित कार्बनिक खाद (एफओएम), तरल किण्वित जैविक खाद आदि सहित सीबीजी संयंत्रों के मूल्यवान उपद-उत्पाद है, जो जैविक खेती में सहायता करेंगे और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करेंगे।

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