सनसनीखेज खुलासा : राजद का जदयू में विलय करने की चाल है नीतीश का तेजस्वी संग सरकार बनाना, ये है प्लान

सनसनीखेज खुलासा : राजद का जदयू में विलय करने की चाल है नीतीश का तेजस्वी संग सरकार बनाना, ये है प्लान

पटना. नीतीश कुमार ने अचानक से अपने धुर विरोधी राजद के साथ जाने का निर्णय क्यों किया? यह एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब हर कोई जानना और समझना चाहता है. नीतीश किन कारणों से राजद संग सरकार बनाने को राजी हुए इसे लेकर अब बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने सनसनीखेज खुलासा किया है. संजय जायसवाल का दावा है कि नीतीश कुमार एक सोची समझी चाल के तहत राजद संग सरकार बनाने को राजी हुए हैं क्योंकि नीतीश चाहते हैं कि वे राजद को निगल जाएं. यानी राजद का विलय जदयू में कर लें या राजद पर कब्जा कर लें. 

संजय जायसवाल ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नीतीश कुमार और जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह ही तेजस्वी यादव के मॉल घोटाले के कागज दिखाते थे. उन पर कार्रवाई करने की बात कहते थे. लेकिन आज नीतीश और ललन उसी तेजस्वी के साथ चले गए. यह स्पष्ट है कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के साथ विश्वासघात किया है. लेकिन इसका एक और बड़ा कारण है कि नीतीश चाहते हैं कि वे राजद को निगल जाए. 

उन्होंने कहा कि कई घोटालों में घिरे लालू परिवार के लोगों का जेल जाना तय है. हाल ही में रेलवे भर्ती घोटाले में लालू के खास भोला यादव की गिरफ्तारी हुई है. अब इस मामले में लालू परिवार के अन्य सदस्य जैसे तेजस्वी यादव और शेष लोगों की गिरफ्तारी होगी. नीतीश कुमार उसी घड़ी के इंजतार में हैं. जैसे ही लालू परिवार के सदस्य जेल जाएंगे नीतीश कुमार को कोशिश है कि वे राजद का विलय जदयू में कर लें. वे राजद पर कब्जा करना चाहते हैं. 

वहीं तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए संजय जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी को भी पता है कि उनका घोटालों के मामले में जेल जाना तय है. इसलिए उन्हें लगता है कि अगर वे राज्य के उप मुख्यमंत्री बन जाएंगे तो वे जेल नहीं जाएंगे. इसी कारण उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का ऑफर देकर उनके साथ सरकार बनाने की हामी भरी है. तेजस्वी अभी तक खुद को मुख्यमंत्री का चेहरा बता रहे थे लेकिन अब उन्होंने सीएम पद नीतीश को दिया है तो यह उनका स्वार्थ है. वे खुद को जेल जाने से बचाने के लिए उप मुख्यमंत्री बनना स्वीकार किए हैं. उन्होंने कहा कि एक प्रकार से नीतीश और तेजस्वी ने एक साथ आकर एक दूसरे को साधने की जुगत की है. साथ ही नीतीश ने भाजपा के साथ मिले जन समर्थन का विश्वासघात किया है. 


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