बिहार में बैंकों का 15 हजार करोड़ रूपए डूबे, जीविका ऋण चुकाने में सबसे आगे

बिहार में बैंकों का 15 हजार करोड़ रूपए डूबे, जीविका ऋण चुकाने में सबसे आगे

PATNA : बिहार में बैंकों का करीब 15 हजार करोड़ रू का ऋण डूब गया है। बैंकों ने इतनी राशि को NPA में डाल दिया है।एनपीए का मतलब हुआ नन परफॉमिंग एसेट....अब बैंक इतनी राशि को डूबा हुआ मान कर चल रही है।

आज राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक थी। बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में 15 हजार रू एनपीए में चला गया है।सबसे अधिक कृषि क्षेत्र में दिया गया ऋण एनपीए हुआ है।

जीविका का महज 2 फीसदी राशि हुआ एनपीए

डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बताया कि जीविका दीदीयों को जो कर्ज दिया जा रहा उसका 98 फीसदी वापसी हो जा रही है।सिर्फ 2 फीसदी जीविका को दिया गया ऋण वापस नहीं हुआ है।इसलिए यह कहना कि गरीब लोग कर्ज लेकर वापस नहीं करते वह पूरी तरह से गलत है। डिप्टी सीएम ने कर्ज लेने वाले लोगों से आग्रह किया कि अगर आप कर्ज लेते हैं तो समय से उसे वापस करें।   

चालू वित्तीय वर्ष में SLBC की पहली बैठक

आज राजधानी पटना  में राज्यस्तरीय बैकर्स कमेटि की बैठक हुई थी। डिप्टी सीएम सुशील मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बिहार सरकार के कई मंत्री,अधिकारी और सभी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। डिप्टी सीएम ने बैंकों से कहा कि आप लोग अपना परफॉमेंस सुधारिए।वित्तीय वर्ष 2019-20 के पहले बैकर्स समिति की बैठक की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि सीडी रेसियो में 1 पिछले साले की तुलना में एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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