पटना के पारस एचएमआरआई हॉस्पीटल में हार्ट ट्यूमर की सफल मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी, बिहार के लिए अनूठा

पटना के पारस एचएमआरआई हॉस्पीटल में हार्ट ट्यूमर की सफल मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी, बिहार के लिए अनूठा

पटना. पारस हॉस्पिटल में 19 वर्षीय बालिका के हार्ट में स्थित ट्यूमर का मिनिमली इनवेसिव (बहुत ही छोटा कट लगा कर) कार्डियक सर्जरी कर सफल इलाज किया गया। यह ट्यूमर उसके लेफ्ट एर्टियम में उस जगह स्थित था। मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी तकनीक से तीन घंटे तक चले सफल ऑपरेशन के बाद ट्यूमर को निकाल दिया गया। अब बालिका पूरी तरह स्वस्थ है। यह ऑपरेशन पूरे बिहार के लिए अनूठा और नया था। मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी के लिए बहुत ही समर्पित, अनुभवी और जानकर डॉक्टर्स की टीम होती है, जो हर मुमकिन सावधानी और रखरखाव के साथ सर्जरी करती हैं।

पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल के कार्डियक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. अरविंद गोयल कहते हैं कि, 19 वर्षीय एक बालिका ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत पर अस्पताल में रेफर आयी थी। जांच के क्रम में पता चला कि उसके हृदय के लेफ्ट एट्रियम  में एक ट्यूमर है। जिसे मेडिकल की भाषा में लेफ्ट एर्टियल मिक्सोमा कहते हैं। यह एक प्रकार का गैर कैंसरस ट्यूमर होता है। जिसके कण टूटकर शरीर के किसी भी अंग में जाकर जमा हो जाते हैं। यह स्थिति रोगी में विकट स्थिति पैदा करती है। 

नई तकनीक है मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी

डॉ. अरविंद गोयल ने कहा कि कार्डियक सर्जरी का नाम सुनते ही लोगों को ओपन हार्ट सर्जरी की बात दिमाग में आती है। यही बात लड़की के परिवार वाले को भी परेशान कर रही थी। हमने उन्हें समझाया कि हार्ट ऑपरेशन के लिए हम नई तकनीक मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी अपना रहे हैं, जिसमें छोटे से चीरे और खास उपकरणों की मदद से हार्ट की सर्जरी की जा सकती है। तीन घंटे चले ऑपरेशन में हमने हार्ट में स्थित ट्यूमर को पूरी तरह निकाल दिया। ऑपरेशन में डॉ. अतुल मोहन (हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट एंड सीनियर कंसलटेंट- कार्डियक सर्जरी) और डॉ. शुभांकर प्रमाणिक (कंसलटेंट - कार्डिक अनेस्थेसिओलॉजी) भी शामिल थे। मरीज स्वस्थ हैं। उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।

डॉक्टर सुहास अराध्ये क्षेत्रीय निदेशक (पारस हैल्थकेयर- पूर्वी) कहते हैं, हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम पेशेन्ट का टाइम और पैसा दोनों ही बचा सके, हमारे इस आधुनिक तकनीक के द्वारा सर्जरी करने में हमारे एक्सपेरिएंस्ड डॉक्टर्स का मोरल सपोर्ट पेशेन्ट का हिम्मत बनाये रखने में काफी मदद करता हैl

गजाला प्रवीन जिनका सर्जरी हुआ, कहती हैं कि, मै काफी डरी हुई थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद मैं चार दिन में ही घर चली गयी और अब मै बिल्कुल ठीक हूं। मुझे डॉक्टर्स ने काफी अच्छे से एक्सप्लेन किया पूरे प्रोसीजर के बारे में, और सर्जरी के दौरान काफी देखभाल किया गया। गजाला कहती हैं, मैं और मेरा परिवार डॉक्टर्स और पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल के आभारी है कि उन्होंने एक उम्मीद तो जगाई ही जीने की साथ साथ मेरी रिकवरी में पूरा ध्यान भी रखा।

पारस अस्पताल के बारे में

पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना बिहार और झारखंड का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है। 350 बिस्तरों वाले पारस एचएमआरआई अस्पताल में एक ही स्थान पर सभी चिकित्सा सुविधाएं हैं। हमारे पास एक आपातकालीन सुविधा, तृतीयक और चतुर्धातुक देखभाल, उच्च योग्य और अनुभवी डॉक्टरों के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र है। पारस इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर बिहार में अपनी विशेषज्ञता, बुनियादी ढांचे और व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध है।

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