JDU के सारे 'तीर' हुए भोथर ! 'नीतीश' को 'टेकुआ' की तरह सीधा कर दें किसान, CM पर फिर से गरजे 'सुधाकर'...

JDU के सारे 'तीर' हुए भोथर ! 'नीतीश' को 'टेकुआ' की तरह सीधा कर दें किसान, CM पर फिर से गरजे 'सुधाकर'...

Patna: सत्ताधारी महागठबंधन सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है । राजद और जेडीयू के नेता आमने-सामने हैं। नीतीश कुमार की पार्टी RJD कोटे से मंत्री चंद्रशेखर और विधायक सुधाकर सिंह पर कार्रवाई का दबाव डाल रहे, लेकिन तेजस्वी यादव ने किसी तरह की कोई कार्रवाई करने से साफ मना कर दिया है। तेजस्वी के इनकार के बाद JDU नेताओं की बोलती बन्द है।  चन्द्रशेखर और सुधाकर पर कारवाई कराने को लेकर JDU अध्यक्ष ललन सिंह से लेकर उपेन्द्र कुशवाहा, अशोक चौधरी से लेकर पूरा कुनबा दबाव बनाया। लेकिन राजद नेतृत्व पर कोई फर्क नहीं पड़ा। JDU नेतृत्व शायद राजद को BJP समझने की भूल कर बैठी थी। क्योंकि BJP के साथ रहने के दौरान जब नीतीश कुमार दवाब बनाते थे तो भाजपा नेतृत्व बैकफुट पर आ जाती थी। 

जेडीयू के दबाव से बेपरवाह  पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह लगातार नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों, सिस्टम में भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसके पहले वे मुख्यमंत्री को शिखंडी और भीख मंगा तक कह चुके हैं। अब आगे कहा है कि अगर बिहार के किसान 13 दिन तक आंदोलन के लिए कमर कस लें तो नीतीश कुमार की सरकार को टेकुआ की तरह सीधा कर देंगे।

खगड़िया के सन्हौली में बिहार किसान मंच द्वारा आयोजित “किसान आक्रोश सभा” को संबोधित करते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार में सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार है । जिस राज्य में लूट तंत्र सत्ता संरक्षित हो वहां कुछ नहीं हो सकता। उसे नहीं पकड़ा जा सकता है। कृषि रोड मैप पर सवाल खड़े करते हुए राजद विधायक ने कहा कि बिहार में तीन कृषि रोडमैप का समापन हो गया। अब सुन रहे हैं कि चौथा कृषि रोड मैप शुरू होने वाला है। खत्म हुए तीन कृषि रोडमैप से क्या फायदा हुआ। अगर कोई फायदा हुआ तो हमें बताएं। हमने मंत्री रहने के दौरान यही पूछा था। हमने किसान हित की बात की और जानना चाहा कि 3 कृषि रोड मैप से कुछ फायदा हुआ क्या....हमारे इन सवालों से मुख्यमंत्री को परेशानी होने लगी। पूछा कि आप लोग ही बताएं कि क्या फायदा हुआ? उन्होंने कहा कि दूसरे तीसरे कृषि रोड मैप में लक्ष्य रखा गया था 1 लाख 80000 मीट्रिक टन से अनाज का उत्पादन बढ़ाकर 3 लाख मीट्रिक टन करना है। लेकिन क्या उस लक्ष्य की प्राप्ति हो सकी? जवाब है नहीं.... जबकि इस रोडमैप पर 3 लाख 10000 करोड रुपए खर्च किए गए। सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर प्रहार किया और कहा कि शराबबंदी वाले राज्य मे जहरीली शराब की होम डिलीवरी हो रही है। इस राज्य में खाद और बीज होम डिलीवरी नहीं हो रहा, लेकिन जहरीली शराब जरूर होम डिलीवरी हो रही है। यहां किसानों को खाद के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। राजद विधायक ने नीतीश कुमार पर प्रहार करते हुए कहा कि ना तो किसानों के खेतों तक पानी पहुंचा ना बिजली । यहां सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी की जा रही है । उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वकांक्षी योजना गंगाजल उद्भव योजना पर तंज कसते हुए कहा कि अब गंगा नदी से पानी को राजगीर ले जाया जा रहा है। इस पर सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन इससे फायदा क्या हुआ। बिहार में किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचाई जा रही ,उनके उत्पाद की खरीदारी नहीं हो रही, लेकिन दूसरे कामों में पानी की तरह पैसे बहाए जा रहे हैं । सुधाकर सिंह ने हरियाणा और पंजाब के किसान आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि वहां के किसानों ने 13 महीने तक आंदोलन किया। लिहाजा सरकार को झुकना पड़ा। अगर बिहार के किसान 13 दिन तक आंदोलन के लिए कमर कस लेंगे तो यहां की सरकार को रजाई सिलने वाले टेकुआ तरह सीधा कर देंगे।

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