सुप्रीम कोर्ट ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले को यथास्थिति रखने का दिया आदेश, शताब्दी भवन के पास बने बहुमंजिली इमारत तोड़ने का मामला

सुप्रीम कोर्ट ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले को यथास्थिति रखने का दिया आदेश, शताब्दी भवन के पास बने बहुमंजिली इमारत तोड़ने का मामला

PATNA : सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग (शताब्दी भवन ) के पास मजार से सटे एक बहुमंजिली इमारत के हुए अवैध निर्माण को तोड़ने के पटना हाईकोर्ट के आदेश  पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। जस्टिस यू यू ललित की पीठ ने राज्य सरकार व अन्य  की अपील पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट के इस मामलें में बहाल amicus curie वरीय अधिवक्ता राजेंद्र नारायण को जारी किया हैं। इससे पूर्व जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय जजों की बेंच ने इस मामलें पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। जजों की पाँच सदस्यीय बेंच ने बहुमत  के निर्णय से इस भवन निर्माण को अवैध करार देते हुए एक माह के भीतर तोड़ने का आदेश दिया था।  

इस भवन के निर्माण पर कोर्ट ने तत्काल रोक लगाते हुए राज्य सरकार से पूछा था कि क्या इसके निर्माण को लेकर पटना हाईकोर्ट और पटना नगर निगम से भी अनुमति ली गई थी ? राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि नई बिल्डिंग से सटे मजार के करीब वक्फ बोर्ड का चार मंजिला कार्यालय बन रहा है। कार्यालय के सबसे नीचे मुसाफ़िर खाना बन रहा है। य़ह तिमंजिला भवन है एवं नए इमारत के निर्माण में किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी ।

इस पर जजों  ने कहा था कि यह गलत तरीके से बना है। बिल्डिंग बाय लॉ की धारा 21 में स्पष्ट कहा गया है कि विधान सभा, राजभवन और हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील से सटे कोई दूसरी बिल्डिंग नहीं बनाई जा सकती है। साथ ही इसकी उँचाई 10 मीटर से अधिक नहीं हो सकती हैं। इस मामलें पर नोटिस का जवाब मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट पुनः सुनवाई करेगा।

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