बिहार में भूमि का 'सर्वे' बेपटरी...रिव्यू में खुली पोल तो तीन जिलों के अधिकारी पर कार्रवाई के दिये आदेश

बिहार में भूमि का 'सर्वे' बेपटरी...रिव्यू में खुली पोल तो तीन जिलों के अधिकारी पर कार्रवाई के दिये आदेश

पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने भूमि सर्वेक्षण की मासिक प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान मासिक प्रगति को अंसतोषजनक पाते हुए अपर मुख्य सचिव ने जमुई और जहानाबाद के सभी सर्वेक्षण कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है। इन दोनों जिलों में किस्तवार के बाद के कार्यों में जून के बाद कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं पाई गई। तुलनात्मक समीक्षा में पाया गया कि जमुई जिले में जून माह में 23 मौजों में खानापुरी का कार्य हुआ था। 2 माह बीतने के बावजूद यह आकड़ा बढ़कर मात्र 29 ही हुआ है।

जहानाबाद की समीक्षा में ज्ञात हुआ कि जिन 128 मौजों में किस्तवार हो चुका है, उनमें से मात्र 18 मौजों में ही अबतक खानापुरी हुआ है और सिर्फ 7 मौजों में एलपीएम वितरित किया जा सका है। लखीसराय के बंदोबस्त पदाधिकारी के आचरण को सही न पाते हुए उनके खिलाफ प्रपत्र क गठित करने का आदेश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिया गया।

शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में आज बिहार विशेष सर्वेक्षण की प्रगति से संबंधित प्राथमिकता के 20 जिलों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में भू-अभिलेख और परिमाप निदेषक जय सिंह, सहायक निदेशक मुकुल कुमार समेत सभी 20 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी समेत सभी जिलों के नोडल पदाधिकारी और एरियल एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

निदेशालय स्तर से भी लापरवाह सर्वे कर्मियों के खिलाफ पिछले दिनों कड़ी कार्रवाई की गई है। 150 के करीब सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनगो और अमीन को पदमुक्त किया जा चुका है। निदेशक जय सिंह ने बताया कि काम में लापरवाही बरतने वालों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। पिछले हफ्ते ही 74 सर्वेक्षण कर्मियों के काम को असंतोषजनक पाते हुए उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है। सर्वे निदेशक जय सिंह ने बंदोबस्त पदाधिकारियों को कहा कि पहले छोटे गांव यानि कम खेसरा वाले गांवों की सूची बना लें और उन्हें प्राथमिता के आधार पर पूर्ण करें।

प्रथम चरण के 20 जिलों के जिन 4989 गांवों में अभी भूमि सर्वेक्षण का काम चल रहा है, उन सभी गांवों में दिसंबर माह तक अंतिम प्रकाशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन 4989 गांवों में से अधिकांश गांवों में किस्तवार और खानापुरी का काम पूरा हो चुका है। 335 गांवों में प्रारूप प्रकाशन का काम पूरा कर लिया गया है। शेष कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सर्वे निदेशालय प्रयासरत है।

बैठक में सर्वे निदेशालय की तकनीकी टीम ने सुनवाई की ऑनलाइन प्रक्रिया को देखने के लिए गैप एनालिसिस मॉडयूल का प्रदर्शन किया। सर्वे की सभी प्रमुख प्रक्रिया ऑनलाइन है और कोई भी रैयत या आम आदमी अपने गांव से संबंधित सर्वेक्षण की प्रगति को ऑनलाइन देख सकात है। इसके लिए dlrs.bihar.gov.in पर जाकर बिहार विशेष सर्वेक्षण से संबंधित सेवाएं को क्लिक करने की जरूरत है।


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