सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव को दिया चैलेंज, हिम्मत है तो फिर धमकाएं...माफी मांगने पर आपकी जमानत बची

सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव को दिया चैलेंज, हिम्मत है तो फिर धमकाएं...माफी मांगने पर आपकी जमानत बची

पटनाः पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आइआरसीटीसी घोटाला में अभियुक्त तेजस्वी प्रसाद यादव को  अदालत की कड़ी फटकार के बाद अपनी जमानत बचाने के लिए माफी मांगनी पड़ी। यदि उनमें हिम्मत हो तो वे सीबीआई अधिकारियों को दी गई धमकी दोहरायें। सुशील मोदी ने कहा कि दोबारा डिप्टी सीएम बनते ही तेजस्वी यादव ने धमकी वाले अंदाज में कहा था कि सीबीआई के जो अफसर लालू परिवार के विरुद्ध जांच में लगे हैं, उनके भी माता-पिता-बच्चे हैं और वे रिटायर भी होंगे। 

 उन्होंने कहा कि एक अभियुक्त और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का केंद्रीय जांच एजेंसी को धमकाना गंभीर मामला है, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया। मोदी मे कहा कि  बिहार के डिप्टी सीएम को अदालत में पेश होकर माफी मांगनी पड़ी, यह शर्म की बात है, लेकिन राजद ऐसे जश्न मना रहा है, जैसे वे बरी हो गए हों। 

 उन्होंने कहा कि रेलवे ( आइआरसीटीसी ) के दो होटल लीज पर देने के बदले तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के परिवार को पटना के सगुना मोड़ की कीमती जमीन लिख दी गई थी। इसी जमीन पर तेजस्वी यादव का 750 करोड़ का 10- मंजिला मॉल बन रहा था। मोदी ने कहा कि इस घोटाले का उद्भेदन ललन सिंह और नीतीश कुमार ने ही किया था। इन्हीं दोनों ने सीबीआई को सबूत के कागजात पहुँचाये थे और अब यही लोग पूरी बेशर्मी से तेजस्वी यादव के भ्रष्टाचार का बचाव कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि 2017 में  जब राजद से जद-यू ने  गठबंधन तोड़ा था , तब तेजस्वी यादव पर केवल आरोप लगे थे और मुख्यमंत्री उनसे उसका बिंदुवार जवाब मांग रहे थे। मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को क्लीनचिट मिले बिना उनकी पार्टी से दोबारा हाथ मिला लिया, जबकि पांच साल में उनके खिलाफ कार्रवाई प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर आरोपपत्र दायर होने तक आगे बढ़ चुकी थी। उन्होंने कहा कि जो कानूनी प्रक्रिया राजद-जदयू के दोबारा मिलने से पहले हो चुकी थी, उसे नीतीश कुमार राजद से गठबंधन तोड़ने की कार्रवाई कैसे बता रहे हैं?

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