अग्निपथ योजना को लेकर तेजस्वी ने केंद्र पर दागे 20 सवाल, पूछा – अग्निवीरों को मिलनेवाले पैसे पर कितना टैक्स कटेगा

अग्निपथ योजना को लेकर तेजस्वी ने  केंद्र पर दागे 20 सवाल, पूछा – अग्निवीरों को मिलनेवाले पैसे पर कितना टैक्स कटेगा

 NEW DELHI : अग्निपथ योजना को लेकर जिस तरह से देश भर में बवाल हो रहा है। उसके बाद बिहार के नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार की मंशा को लेकर सवाल उठाए हैं। दिल्ली में तेजस्वी यादवी की प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि तीन चार दिन से कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। देश सेवा करनेवाले युवाओं में नाराजगी है। वह दुखी  है।सरकार के फैसले से उनकी आत्मा मर रही है। 

अभी भारत सरकार के अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं के मन में संशय है। उन्होंने कहा कि योजना को लेकर जो संशय  है. उसे भारत सरकार दूर करे। तेजस्वी ने योजना को लेकर सरकार से 20 सवाल किये। उन्होंने कहा कि पहले भी केंद्र सरकार जो भी योजना लाई, वह फेल रही है। 

तेजस्वी के 20 सवाल

  • केंद् बताए कि चार साल में बहाल होनेवाले सैनिकों को 90 दिन की छुट्टी मिलेगी
  • अग्निपथ योजना में ठेके पर अफसरों की भर्ती क्यों नहीं की जा रही है। सिर्फ सैनिकों के लिए क्यों
  • सरकार बताये कि शिक्षित युवाओं के लिए तैयार की गई मनरेगा या संघ की हिडन एजेंडा
  • केंद्र बताए कि चार साल की देश सेवा के बाद मिलनेवाली राशि पर टैक्स लगेगा या नहीं। अगर टैक्स लगेगा तो कितनी राशि बचेगी
  • अग्निवीरों को दूसरे सैनिकों की तरह गैच्यूटी देगी या नहीं
  • क्या सरकार अग्निवीरों को कैंटीन, पूर्व सैनिकों को मिलनेवाले चिकित्सीय सुविधा देगी या नहीं
  • क्या सरकार ने यह योजना बनाने से पहले डिफेंस एक्सपर्ट से किसी प्रकार फिडबैक लिया गया या नहीं। अब तक सभी एक्सपर्ट ने हानिकारिक बताया है।
  • क्या यह पहली सरकारी योजना नहीं है जिसमें चार साल के बाद विशुद्ध बेरोजगारी की संभावना है।
  • इस योजना में नौकरी पाकर 22 वर्ष की आयु में युवा रिटायर हो जाएंगे। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो जाएगी
  • विश्लेषकों का मत है कि एक बड़ी आबादी की 22 वर्ष की उम्र में रिटायर होने से विधि व्यवस्था प्रभावित होगी।
  • क्या यह नहीं दर्शाता है कि सरकार में दूरदर्शिता का अभाव है। 
  • वन रैंक वन पेंशन की जगह नो रैंक, नो पेंशन योजना
  • सेना में 50-60 हजार सैनिक रिटायर हुए. लेकिन एक भी भर्ती नहीं निकाली गई। अब रिक्त पदों पर कुछ हजार सैनिक बहाल कर रहे हैं वह भी सिर्फ चार के लिए। यह युवाओं के साथ नाइंसाफी है
  • अगर देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं रेलवे,सेना में ठेके पर नौकरी पर देना सही नहीं। सरकार बताए कि अब युवा कहां सरकारी नौकरी खोजेंगे
  • अगर भाजपा को ठेकेदारी प्रथा इतनी ही पसंद है तो पहले अपने मंत्री, सांसद और अधिकारियों को सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिलाएं
  • एक तरफ सरकार बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के लाखो करोड़ के लोन माफ करती है. दूसरी तरफ सेना के बजट में कटौती की गई है। पिछले आठ साल में 11 लाख करोड़ का लोन माफ किया गया। दूसरी तरफ कॉस्ट कटिंग की गई। सेना भारत का प्रतिष्ठित संस्थान है। क्या सरकार को सेना में दखल देना सही है
  • सरकार को बेरोजगारी की विकराल समस्या को अच्छे से एड्रेस क्यों नहीं करती है। क्या इस पर संवेदनलशीलता से विचार करने की जरुरत नहीं है
  • केंद्र बताये कि 70 फीसदी युवा नौकरी को लेकर तनाव में नहीं है। 
  • क्या सरकार बेरोजगारी के कारण उत्पन्न और हिंसा के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। 10 लाख से अधिक पद केंद्र में रिक्त है। इसके लिए दोषी कौन है। इसके लिए विपक्ष कैसे जिम्मेदार है। 
  • क्या भारत सरकार ने दो करोड़ 2022 देने के लिए लोक लुभावन भाषण दिया था। उनका क्या हुआ।

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