तेजस्वी के पत्र का बीजेपी ने दिया करारा जवाब, हम न भूले हैं न भूलने देंगे अपहरण, लूट, बलात्कार वाली लालू-राबड़ी सरकार को

तेजस्वी के पत्र का बीजेपी ने दिया करारा जवाब, हम न भूले हैं न भूलने देंगे अपहरण, लूट, बलात्कार वाली लालू-राबड़ी सरकार को

DESK: चुनाव से ठीक पहले आपने सियासी वार, पोस्टरवार यहां तक की ट्वीटर वार भी देखा होगा लेकिन क्या आपने लेटर वार देखा है. अगल नहीं तो बिहार चुनाव पर ध्यान दीजिए. फिलहाल बिहार में लेटर वार चल रहा है. एक दूसरे को पत्र लिखकर हमले किए जा रहे हैं.पहले बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिख कर जवाब मांगा तो अब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख डॉ संजय मयूख ने तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति ट्वीटर, फेसबुक और लेटर पर ही चल रही है, यही हकीकत है. मीडिया में किसी भी तरह बने रहने और बिहार में राजद की राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए राजद के युवराज तेजस्वी यादव अब बेसिरपैर की बयानबाजी पर उतर आये हैं.

संजय मयूख ने कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा गया पत्र तेजस्वी यादव की हताशा और बौखलाहट को दिखाता है. पत्र लिखने से पहले उन्हें बिहार में 15 साल की लालू-राबड़ी सरकार की कारगुजारियों पर थोड़ा अध्ययन कर लेना चाहिए था. उन्होंने तेजस्वी यादव से सवाल पूछते हुए कहा कि तेजस्वी जी, भूल गए क्या? हम न भूले हैं, न भूलेंगे. मतलब साफ है कि एक बार फिर लालू-राबड़ी के कार्यकाल का हवाला देते हुए संजय मयूख ने तेजस्वी यादव पर सवाल उठाए और कह दिया कि तेजस्वी यादव आप भले हीं भूल सकते हैं लेकिन हम न भूले हैं और न ही भूलेंगे. इसके साथ ही संजय मयूख ने लालू यादव और नीतीश कुमार के कार्यकाल की तूलना करते हुए दस बड़ी बातें भी लिखी हैं. 

पत्र की दस बड़ी बातें

1.लालू प्रसाद यादव जी के कार्यकाल में बिहार ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी में आता था जबकि एनडीए की सरकार में बिहार इससे बाहर निकल आया। भूल गए क्या? लेकिन हाँ, आप और राजद के नेता जरूर बेरोजगार हो गए, हालांकि हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। 

2.तेजस्वी जी, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लालू राज में 15 सालों में 50 हजार से अधिक हत्या और हजारों अपहरण, लूट, बलात्कार और नरसंहार के मामले आये। राजद शासनकाल में अपराध के तांडव को भला कौन भूल सकता है। यहाँ तक कि तब पटना हाईकोर्ट को भी कहना पड़ा था कि बिहार में जंगलराज है। भूल गए क्या?

3.तेजस्वी जी, आपके माता-पिता के राज में में शिक्षा की हालत ऐसी कर दी गई कि आज भी बिहार इससे पूरी तरह से उबर नहीं पा रहा है। शिक्षा की बदतर हालत ने बिहार के युवाओं को राज्य से बाहर जाने को मजबूर कर दिया। आपने गरीब छात्रों को ‘चरवाहा’ बनने पर मजबूर किया। मैट्रिक-इंटर में धांधली और टॉपर्स घोटाले के आरोपी का राजद से लिंक, भूल गए क्या?

4.‘गुदड़ी के लाल’ के रूप में प्रचार कर मुख्यमंत्री बनते ही लालू यादव जी ने उन्हीं गरीबों की हकमारी कर घोटाले किए। चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला से लेकर मॉल घोटाले तक की लिस्ट बहुत लंबी है। स्वी जी, भूल गए क्या?

5.तेजस्वी जी, गरीबों और दलितों के नाम की तो राजनीति की लेकिन गरीबों और दलितों पर बेइंतहां जुल्म ढाए गए। आपके माता-पिटा के शासनकाल के दौरान दलितों के खिलाफ कई नरसंहार हुए। आप भूल गए क्या?

6.तेजस्वी जी, क्या आपको याद है कि विकास के सभी मापदंडों में बिहार लालू-राज में अंतिम पायदान पर था! सभी उद्योग-धंधे बंद पड़ गए थे, युवाओं को पलायन करना पड़ा था। सड़कों की हालत तो ऐसी थी कि सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़कें, ये पता नहीं चल पाता था। भूल गए क्या?

7.नीतीश जी ने बिहार के विकास के लिए और जंगलराज की वापसी को रोकने के लिए राजद से रिश्ता तोड़ा था लेकिन आप तो बताओ कि आपातकाल के खिलाफ कांग्रेस के खिलाफ जेपी आंदोलन से खड़ी हुई आपकी राजनीति कांग्रेस के भरोसे क्यों है? आपकी पार्टी के 15 वर्षों के शासनकाल में राजनीति के अपराधीकरण जो संरक्षण दिया गया, उसे आप भूल गए क्या तेजस्वी जी?

8.तेजस्वी जी, आपको याद होना चाहिए कि एनडीए ने बिहार को ‘लालटेन युग' से ‘विकास युग' और ‘जंगलराज से विकासराज की ओर अग्रसर किया है। एनडीए की सरकारों की तो यह परंपरा रही है कि हम हर वर्ष पाई-पाई का हिसाब जनता को देते हैं। इस बार के चुनाव में भी हम पिछले पांच वर्षों का हिसाब राज्य की जनता को देंगे। लेकिन, आप तो अपने 15 साल के कारनामों को बताओ? भूल गए क्या?

9.तेजस्वी जी, आपके पिताजी के शासन में ट्रांसफर और अपहरण उद्योग ने किस तरह बिहार में आतंक मचाया हुआ था, यह सबको पता है। आप भूल गए क्या?

10.आपकी पार्टी की सरकार में किसानों, गरीबों, दिव्यांगों, दलितों, वंचितों, शोषितों के लिए क्या किया गया, तेजस्वी जी, बताइये। गरीबों के आवास योजना में घपले, शिक्षा में घपले, जानवरों के चारा में घोटाला, स्वास्थ्य में घोटाला - हर जगह घोटाला ही घोटाला। आपके परिवार के सिवाय किसी का विकास लालू यादव जी के शासनकाल में नहीं हुआ तेजस्वी जी, भूल गए क्या?


Find Us on Facebook

Trending News