ठंड बढ़ते ही थोक फल मंडी में घटी कीमतें, रोजाना औसतन तीन करोड़ तक बिक्री होने वाले मंडी आई सुस्ती

ठंड बढ़ते ही थोक फल मंडी में घटी कीमतें, रोजाना औसतन तीन करोड़ तक बिक्री होने वाले मंडी आई सुस्ती

Patna... राजधानी में ठंड बढ़ते ही थोक फल मंडी में कीमतें घटने लगी है। थोक मंडी में औसतन प्रतिदिन ढाई से तीन करोड़ रुपए का कारोबार होता है। त्योहार-लग्न में यह 7-8 करोड़ पर चला जाता है, लेकिन इस समय यह आंकड़ा एक करोड़ से भी कम हो गया है।  हालांकि सेब की बिक्री पर प्रभाव नहीं पड़ा है।  

बूंदाबांदी के बाद ठंड बढ़ने से थोक फल मंडी बाजार समिति और सिमट गई है। इसका कारोबार एक करोड़ रुपए से नीचे चला गया है। फलों का उठाव खुदरा विक्रेता कम कर दिए हैं। साथ ही जिलों से आने वाले फल व्यवसायी भी कम लदान कर रहे हैं। इससे कीमतों में भी स्थिरता देखने को मिल रही है।

पटना की थोक फल मंडी में औसतन प्रति दिन ढाई से तीन करोड़ रुपए का कारोबार होता है। त्योहार और लग्न के दौरान यह आंकड़ा सात से आठ करोड़ रुपए पर चला जाता है। पटना फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद ने कहा कि इस समय एक करोड़ रुपये से भी कम कारोबार हो रहा है। ठंड बढ़ने से केले की मांग सुस्त चल रही है। अनार की मांग भी घटी है। अमरूद यहां कम आता है, लेकिन इसकी मांग भी बहुत कम रह गयी है। संतरा पहले की तुलना में 40 से 50 फीसद कम बिक रहा है। सेब की मांग अभी है। अन्य फलों की तुलना में सेब ज्यादा बिक रहा है।

वहीं, इस समय 70 से 80 लाख रुपए का ही कारोबार इस समय थोक फल मंडी बाजार समिति में हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जाड़े के मौसम में लोग फलों का उपयोग थोड़ा कम करते हैं। खास तौर से संतरा, केला के कारोबार पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है। केला व्यवसायी इंद्र नारायण मेहता ने कहा कि महज 100 से 250 रुपए में केला घौंद  बिक रहा है, जो पहले 150 से 300 रुपए पर था। इसी तरह से अनार 180 से घटकर 140 रुपए, संतरा 25 से घटकर 20 रुपए पर आ गया है। विक्रेताओं का कहना है कि अमरूद का भाव भी 40 से 60 रुपए पर आ गया है। 

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