बेतिया पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, सुप्रीम और हाई कोर्ट से बेल रिजेक्ट होने के बाद भी नहीं पकड़ा गया आरोपी

बेतिया पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, सुप्रीम और हाई कोर्ट से बेल रिजेक्ट होने के बाद भी नहीं पकड़ा गया आरोपी

BETTIAH : पश्चिम चंपारण जिले की बेतिया पुलिस जिला मे जहाँ एक तरफ अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। वही अब बेतिया पुलिस ने कोर्ट द्वारा जारी फरमान को भी नहीं मानने का कसम खा लिया है। ऐसा ही एक मामला बेतिया पुलिस जिला के मटियारीया थाना क्षेत्र के कांड संख्या 09/21 का है। 09/21 मामले में नरकटियागंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने मामले को सत्य मानते हुए अनुसंधानकर्ता को अभियुक्त अजय कुमार छपोलिया को गिरफ्तार करने व गिरफ्तारी नही होने पर उसके घर की कुर्की जब्ती की कार्रवाई करते हुए दैनिकी समर्पित करने का आदेश दिया। 23 मार्च 21 को ही बेतिया पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने भी मामले को सत्य पाते हुए 11 अप्रैल 21 को रिपोर्ट टू भी निकाल दिया। फिर भी अजय छपोलिया की गिरफ्तारी नहीं होना कई सवाल जन्म दे रहा है। 


बताया जा रहा है की रामनगर के एक पेशेवर भू-माफिया अजय कुमार छपोलिया उर्फ हरबुल ने रौशन कुमार झुनझुनवाला का फर्जी हस्ताक्षर कर 2 बीघा से ज्यादा जमीन का गरीब व सीधे साढ़े लोगो को अपने बातों मे उल्टा सीधा समझा कर लाखों रुपया का उगाही कर लिया। आज वे गरीब जिसने भी उस पर विश्वास कर पैसा दिया था। अब न्याय के लिए भटक रहे हैं। सबसे रोचक बात यह है की इस मामले मे केस के आईओ झरीलाल यादव को 16 फरवरी 2022 को समर्पित फर्जी हस्ताक्षर का एफएसएल जांच मे भी रौशन कुमार झुनझुनवाला का हस्ताक्षर फर्जी पाया गया। जिस पर 7 जुलाई 21 बेतिया कोर्ट ने अजय कुमार छपोलिया का एंटी सेपेट्री बेल रिजेक्ट किया तो पटना हाई कोर्ट ने 18 अप्रैल 22 को बेल रीजेक्ट करते हुए पटना हाई कोर्ट के रजिस्टार जनरल अरुण कुमार झा को पटना कोतवाली थाना मे प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया।

अजय कुमार छपोलिया व गलत शपथ पत्र दायर कर अपने पति को बचाने के लिए प्रार्थना करने वाली उनकी पत्नी अंजली छपोलिया पर भी जिसका कांड संख्या 192/22 है। विदित है की अंजली छ्पोलिया ने अपने पति को बचाने के लिए कोर्ट से एक शपथ पत्र बनवाई थी की मेरे पति किसी भी मामले में दोषी है। जबकी अजय छ्पोलिया पर गोवरधना थाना मे कांड संख्या 13/21, रामनगर थाना मे 210/2007 दर्ज है जिसमे आईपीसी 420 ,465 ,466 , 467 ,468 ,469 ,471 ,384 ,386 ,387 और 34 धारा लगा है। 

वही देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी बेतिया कोर्ट व पटना हाई कोर्ट द्वारा रिजेक्ट बेल को सही करार देते हुए अजय छ्पोलिया द्वारा दायर बेल को रिजेक्ट कर दिया। 28 जुलाई 22 को यह कहते हुए की इस संदर्भ मे और भी जो कुछ अजय छ्पोलिया ने दायर किया हुआ है उसे डिसमिस किया जाता है। इस प्रकार देखा जाय तो देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी बेल रिजेक्ट करने के बावजूद अभी तक अजय कुमार छपोलिया की गिरफ्तारी नही होना बेतिया पुलिस पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है? बेतिया पुलिस का आम आवाम के प्रति भरोसा इस तरह के कई प्रश्न हो खड़ा रहा है। 

बेतिया से आशीष कुमार की रिपोर्ट 

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