फोरेंसिक हेड के सिर पर सवार हुआ खून, पत्नी और दो बच्चों को मार डाला, हत्या के कारणों को जानने के बाद यकीन करना हो जाएगा मुश्किल

फोरेंसिक हेड के सिर पर सवार हुआ खून, पत्नी और दो बच्चों को मार डाला,  हत्या के कारणों को जानने के बाद यकीन करना हो जाएगा मुश्किल

KANPUR :  यूपी के बड़े शहरों में शामिल कानपुर से एक दिल दहला देनेवाली घटना सामने आयी है। यहां मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक हेड ने  अपनी पत्नी और बेटा-बेटी की बेरहमी से हत्या कर दिया और खुद फरार हो गए। बताया गया कि पहले उन्होंने पत्नी को हथौड़े से मारकर हत्या की और बाद दोनों बच्चों का भी गला दबा दिया। जिससे कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई।  वहीं जब सबकुछ खत्म हो गया तो भूल का पछतावा हुआ और ह्त्यारे डॉक्टर ने अपने भाई को पूरी जानकारी दी।  घटना सामने आने के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। 

बताया गया कि पत्नी और दो बच्चों की हत्या करनेवाले डॉ. सुशील सिंह रामा मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख थे। वह कल्याणपुर क्षेत्र के डिवनिटी होम अपार्टमेंट में 501 नंबर फ्लैट में रहते हैं। घर में पत्नी चंद्रप्रभा (48), बेटा शिखर सिंह (18) बेटी खुशी सिंह (16) थे। चंद्रप्रभा चौबेपुर ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल गोगूमऊ में शिक्षिका थीं। बेटा क्लैट की ऑनलाइन तैयारी कर रहा था तथा बेटी वुडवाइन स्कूल में दसवीं की छात्रा थी। शुक्रवार शाम करीब 5.32 बजे प्रो. सुशील ने अपने भाई रूरा पीएचसी में डॉ. सुनील सिंह को व्हाट्सएप मैसेज किया। उसमें लिखा था, 'सुनील पुलिस को सूचना करो, मैंने डिप्रेशन में....'। 

मैसेज पढ़ने के बाद जब पहुंचे घर...

डॉ. सुनील ने अपने भतीजे पत्रकारपुरम निवासी अनुराग और अंकित को  फोन कर बुलाया और अपार्टमेंट पहुंचे। यहां फ्लैट में सेंट्रल लॉक लगा हुआ था। गार्डों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो सभी के लहूलुहान शव पाए गए। डॉ. सुनील ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण मौके पर पहुंचे। 

पुलिस को मिली हत्यारे डॉक्टर की डायरी

पुलिस को घटनास्थल से एक डायरी मिली है। इसमें डॉ. सुशील ने परिवार की हत्या व अन्य बातें लिखी हैं। किचन से सफेद पाउडर और चार खाली कप मिले हैं। इससे हत्या से पहले नशीला पदार्थ खिलाए जाने की आशंका है। उधर सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि सुशील अपार्टमेंट से 1:30 बजे निकला। शाम करीब चार बजे वह मंधना में देखा गया। कहा जा रहा है कि डॉक्टर कई महीने से गहरे अवसाद में था। हत्या के करीब तीन घंटे बाद वह मंधना क्षेत्र में देखा गया। देर रात तक उसकी तलाश की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके से हथौड़ा, बेडशीट, सफेद पाउडर और चाय के सैंपल कब्जे में लिए हैं। डॉक्टर के भाई की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

ओमिक्रॉन ने दिमागी संतुलन पर डाला था असर

कई मीडिया रिपोर्ट्स में घटनास्थल से पुलिस के हाथ लगे दस पन्नों की सुसाइड नोट का जिक्र है. उसमें लिखा है- ‘अब और कोविड नहीं, यह कोविड सभी को मार डालेगा. ओमिक्रॉन वैरिएंट किसी को नहीं छोड़ेगा. अब और लाशों को नहीं गिनना है. अपनी लापरवाही के चलते करियर के उस मुकाम पर फंस गया हूं, जहां से निकलना असंभव है.’


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