भाजपा सरकार के निर्णय से मचा भूचाल, 7600 क्लासरूम को भगवा रंग के रंगने का लिया निर्णय, बेहद अनोखा है कारण

भाजपा सरकार के निर्णय से मचा भूचाल, 7600 क्लासरूम को भगवा रंग के रंगने का लिया निर्णय, बेहद अनोखा है कारण

DESK. भाजपा सरकार के एक निर्णय से कर्नाटक में भूचाल मच गया है. कर्नाटक में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के विद्यालयों के 7600 क्लासरूम को भगवा रंग से रंगवाने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार के इस निर्णय का अब कई मोर्चों से विरोध हो रहा है. इसे भाजपा के झंडे के रंग और उसकी हिंदूवादी विचारधारा से जोड़कर देखा जा रहा है. 

हालांकि विरोधियों को बोम्मई सरकार ने करारा जवाब दिया है. बोम्मई ने नई योजना ‘विवेक’ के तहत बनायी जाने वाली हजारों स्कूल कक्षाओं को भगवा रंग से रंगने के सरकार के कदम का बचाव किया. स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखी गयी इस योजना के तहत, कर्नाटक सरकार ने राज्य भर में 7,601 कक्षाओं का निर्माण करने का प्रस्ताव रखा है. बोम्मई ने बाल दिवस पर कालबुर्गी जिले के मड़ियाल में सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में आधारशिला रखकर इस योजना की शुरुआत की.

कक्षाओं को भगवा रंग से रंगने के कदम के बारेमें पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, “भगवा रंग के नाम से लोग (गुस्से से) लाल क्यों हो जाते हैं? भगवा रंग में क्या गलत है? (राष्ट्रीय) तिरंगे में भगवा रंग है। स्वामी विवेकानंद स्वयं भगवा वस्त्र पहनते थे।” बोम्मई ने आरोप लगाया, “वे (कांग्रेस) शिक्षा के व्यापक विकास में रुचि नहीं रखते हैं।” उन्होंने कहा कि किए गए किसी भी प्रगतिशील बदलाव पर विवाद खड़ा करने की प्रवृति रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “विवेकानंद संन्यासी थे। विवेक का मतलब ज्ञान होता है। हमने विद्यालयों का नाम विवेकानंद के नाम पर रखा है ताकि बच्चों को उनसे प्रेरणा मिले और विद्यालयों में अच्छा माहौल बना रहेगा।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या ‘‘शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है’’ तो उन्होंने कहा, ‘‘ बिल्कुल नहीं।’’ स्कूल शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने कहा कि अगर वास्तुविद सरकार को सलाह देते हैं कि ऐसी कक्षाओं में भगवा रंग अच्छा लगता है, तो उसे ऐसे रंग से रंगा जाएगा।

नागेश ने कहा, “हमने फैसला वास्तुविद पर छोड़ दिया है। सरकार यह तय नहीं करती है कि किस तरह का पेंट, खिड़की, दरवाजे और सीढ़ियां बनाई जानी हैं। वे (आर्किटेक्ट) क्या कहेंगे, हम इस पर फैसला लेंगे।” उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को भगवा रंग से एतराज नहीं है।” कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा, “मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उनके (पार्टी के) झंडे में भगवा रंग है। आपने इसे क्यों रखा? इसे हटा दें।” वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘ इस भगवाकरण के संबंध में यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि यह भाजपा का नहीं बल्कि सरकारी पैसा है।


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