घोटालेबाज DTO पर 'एक्शन' लेने जा रही सरकार, शो-कॉज का नहीं दिया जवाब...अब होंगे निलंबित, पटना डीटीओ में करोड़ों का हुआ है वारा-न्यारा

घोटालेबाज DTO पर 'एक्शन' लेने जा रही सरकार, शो-कॉज का नहीं दिया जवाब...अब होंगे निलंबित, पटना डीटीओ में करोड़ों का हुआ है वारा-न्यारा

PATNA:  सुशासन की सरकार में पिछले साल परिवहन विभाग के पटना डीटीओ दफ्तर में करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ था। न्यूज4नेशन ने 50 करोड़ से अधिक के घोटाले की पोल खोली तो आनन-फानन में 19 सितंबर 2020 को जांच टीम गठित की गई थी। पटना के डीटीओ ऑफिस में करोड़ों के घोटाले का खुलासे के 10 महीने बाद जुलाई 2021 में मुख्य साजिशकर्ता बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और वर्तमान में जहानाबाद के डीटीओ अजय कुमार ठाकुर को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई थी. दोषी अफसर को निलंबित करने वाली फाईल पिछले दो महीनों से सामान्य प्रशासन विभाग में पेंडिग है। घोटाले के आरोपी अफसर पर अब सरकार एक्शन लेने जा रही है। 

अब एक्शन लेगी सरकार 

भ्रष्टाचार के आरोपी पटना के तत्कालीन डीटीओ अजय कुमार ठाकुर के खिलाफ आरोपों का पुलिंदा सामान्य प्रशासन विभाग में है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोपी डीटीओ से शो-कॉज पूछा लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने बताया कि कार्रवाई अवश्य होगी। बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अजय कुमार ठाकुर से विभाग ने शो-कॉज पूछा था लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अब सरकार एक्शन लेगी। 

परिवहन विभाग ने 19 जुलाई को ही की सिफारिश..कार्रवाई अब तक नहीं

 मार्च 2021 में पटना डीटीओ में हुई करोड़ों की गड़बड़ी मामले में आरोपी लिपिक को सस्पेंड किया गया था। जुलाई महीने में ही परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने पटना के तत्कालीन डीटीओ को सस्पेंड करने की सिफारिश की. परिवहन मंत्री के अनुमोदन के बाद आरोपी अधिकारी को निलंबित करने को लेकर परिवहन विभाग के सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा। जांच रिपोर्ट के साथ फाइल 19 जुलाई को सामान्य प्रशासन विभाग पहुंचा।लेकिन अब तक आरोपी अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

परिवहन आयुक्त ने घोटाले के आरोप में लिपिक को किया था सस्पेंड

परिवहन विभाग ने पटना डीटीओ ऑफिस के तत्कालीन लिपिक अमित कुमार गौतम को 20 मार्च को निलंबित किया था। बिहार के परिवहन आयुक्त ने आदेश में कहा गया था कि पटना डीटीओ ऑफिस का तत्कालीन लिपिक अमित कुमार गौतम गलत तरीके से वाहनों को बैकलॉग एंट्री एवं निबंधन साथ ही साक्ष्य छुपाने के लिए वाहनों का ब्लैक लिस्ट करता था .गौतम के गलत ढंग से किए गए निबंधन के कारण सरकारी राजस्व की भारी क्षति हुई है. इनके विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित होते हैं. प्रमाणित आरोपों के लिए जांच समिति ने इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की थी। उक्त आलोक में अमित कुमार गौतम लिपिक जिला परिवहन कार्यालय भोजपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. इसके विरुद्ध  अलग से आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही का संचालन किया जाएगा. परिवहन आयुक्त ने अपने आदेश में कहा था कि पटना के डीटीओ ने 17 सितंबर 2020 को प्रतिवेदन भेजा था. जिसके बाद 19 सितंबर 2020 को जांच के लिए कमेटी की गठित की गई. 

17 सितंबर 2020 को भारी गड़बड़ी का हुआ था खुलासा

पटना के डीटीओ ने पत्रांक-3318 से 17 सितंबर 2020 को करोड़ों के घोटाले से पर्दा उठाया था । तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी ने परिवहन कमिश्नर सीमा त्रिपाठी को इसके बारे में सबूत के साथ तीन पन्नों की रिपोर्ट दी थी। जिसके बाद खलबली मच गई थी।

जानिए पूरा मामला

पटना के तत्कालीन डीटीओ-कर्मी की मिलीभगत से वाहन BS-4 वाहन का बिना सरकारी राजस्व के ही निबंधन और चोरी की गाड़ी का भी निबंधन किया गया था. इस कारनामें से सरकार को पचास करोड़ से अधिक के राजस्व की क्षति हुई थी। इसके साथ ही पटना के तत्कालीन डीटीओ अजय कुमार ठाकुर और कर्मी अमित कुमार गौतम पर कई अन्य आरोप लगे थे। वर्तमान डीटीओ ने 17 सितंबर 2020 को  अपनी रिपोर्ट परिवहन कमिश्नर को भेज दिया था,जिसमें पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मी पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था। डीटीओ के घोटाले वाले पत्र के बाद परिवहन कमिश्नर ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी। 

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