अपने ही थाने की हाजत में बंद किए गए दारोगा, बाहर आने के करने लगे मिन्नतें, नहीं सुनी किसी ने फरियाद

अपने ही थाने की हाजत में बंद किए गए दारोगा, बाहर आने के करने लगे मिन्नतें, नहीं सुनी किसी ने फरियाद

PATNA : थाने के जिस हाजत में वह अब तक चोर, उचक्के और अपराधियों को बंद करते थे। उन्हें कभी इस बात का अनुमान भी नहीं होगा कि एक दिन ऐसा आएगा कि अपने ही थाने की हाजत में वह कभी बंदी की तरह बंद हो जाएंगे। मामला पटना से सटे परसा बाजार थाने से जुड़ा है, जहां के दारोगा को वहीं के हाजत में बंद कर  दिया गया, जहां घंटों बंद रहने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस दौरान दारोगा साहब भी दूसरे बंदियों की तरह खुद को छोड़ने के लिए मिन्नतें करते रहे, गिड़गिड़ाते रहे। लेकिन ऐसी मिन्नतोंं को अनसुना करना पुलिसकर्मियों की आदत बन चुकी है, सो अपने ही पुलिसकर्मियों के सामने दारोगा की सारी कोशिशें बेकार साबित हो गई।

मामले में बताया गया कि  परसा बाजार थाने में पदस्थापित दारोगा उमेश मिश्रा रविवार की देर शाम शराब के नशे में थाने पहुंचे और ड्यूटी बजाने लगे। इस बात की भनक परसा थाना में पदस्थापित प्रशिक्षु डीएसपी प्रिया ज्योति को लगी। पहले उन्होंने दारोगा जी को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद बात की जानकारी पटना के SSP उपेंद्र कुमार शर्मा को दी। जिसके बाद SSP से निर्देश मिलते ही दारोगा जी को गिरफ्तार कर हाजत में कैद कर दिया गया। 

एक रात में उतर गया वर्दी का नशा, लोगों में होने लगी चर्च

रात भर परेशान दारोगा जी अपनी गलती पर पछतावा करते रहे और माफी मांगते रहे। डीएसपी ने उनकी एक न सुनी और आखिरकार सोमवार को उमेश मिश्रा को जेल भेज दिया गया। इस बात की चर्चा थाना से लेकर पूरे बाजार में जोर-शोर से फैल गई। लोगों का कहना था कि जिस तरह आम लोगों पर पुलिस शराबियों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए कार्रवाई करती है। उसी तरह नशेड़ी वर्दी वालों पर भी अब कार्रवाई होनी चाहिए।


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