पटना में ‘ठग’ के अपहरण ने पुलिस के उड़ाए होश, अपहरणकर्ताओं के खुलासे पुलिस भी हैरान

पटना में ‘ठग’ के अपहरण ने पुलिस के उड़ाए होश, अपहरणकर्ताओं के खुलासे पुलिस भी हैरान

पटना. राजधानी में एक अधिवक्ता के अपहरण के मामले ने पटना पुलिस की नींद उड़ा दी. कोतवाली थाना क्षेत्र में घटित इस घटना में पीड़ितों के परिजनों ने शिकायत में बताया कि उनसे फिरौती की मांग की गई.  शुक्रवार को हुई शिकायत के बाद आनन-फानन में पटना पुलिस ने टीम का गठन कर इस मामले की तहकीकात शुरू की.

अपहरण कांड के मामले का खुलासा करते हुए पटना एसएसपी मानव जीत सिंह ढिल्लों ने शनिवार को बताया कि अधिवक्ता अरुण केशव त्रिपाठी का पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल के बाहर से अपहरण किया गया था. खुसरूपुर से आने के क्रम में राजेंद्र नगर टर्मिनल पर अपराधियों ने फोन कर अधिवक्ता को बाहर बुलाया और उसी क्रम में जबरन अपनी बोलेरो गाड़ी में बैठाकर वैशाली ले गए जहां उसे एक मुर्गी फार्म में बंधक बनाकर रखा गया था. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मिले नंबरों की जांच से अपराधियों को धर दबोचा है. हालांकि पटना एसएसपी ने बताया कि इस मामले की गहनता से जांच की गई और अपहरणकर्ताओं से पूछताछ की गई तो मामला कुछ और ही निकला है. 

दरअसल अधिवक्ता अरुण केशव त्रिपाठी ने एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी का विज्ञापन देखकर उससे सम्पर्क किया. एजेंसी के एक युवक को त्रिपाठी ने खुद को हाई कोर्ट का जज बताया. हाईकोर्ट में गार्डों की बहाली को लेकर उसने मोटी रकम की वसूली की थी. बताया जा रहा है कि एक सिक्योरिटी गार्ड के बदले ₹70000 रुपए नौकरी देने के नाम पर लिया था. यह मामला 2020 के कोरोना काल का था. 

निजी सिक्योरिटी एजेंसी चलाने वाले वैशाली देसरी के युवक ने हाईकोर्ट में गार्डों की नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से पैसे लेकर तथाकथित हाई कोर्ट के जज अरुण केशव त्रिपाठी को दिया. लेकिन उसने युवक को ठग लिया. उसे रकम वापसी करने में टालमटोल करता रहा जिसके बाद पीड़ित अपहर्ताओं ने अपहरण की साजिश रच डाली और पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल से वैशाली ले गया. त्रिपाठी को बंधक बनाकर उसके ही फोन से 5 लाख रुपए फिरौती की मांग अधिवक्ता के परिजनों से की गई. हालांकि पुलिस ने इस मामले का उद्भेदन कर दिया है. पुलिस ने बताया कि इस मामले अधिवक्ता भी दोषी है इसलिए पुलिस दोनों एंगल से कार्रवाई करेगी. 


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