रंगदारी नहीं देने पर बदमाशों ने बेटी पर तेज़ाब फेंकने की दी धमकी, दर दर गुहार लगा रही पीडिता

रंगदारी नहीं देने पर बदमाशों ने बेटी पर तेज़ाब फेंकने की दी धमकी, दर दर गुहार लगा रही पीडिता

BHAGALPUR : बिहार में नीतीश राज में सुशासन की बात कही जाती है। लेकिन पिछले कई दिनों से ईशाकचक थाना क्षेत्र की लालूचक के रहने वाले सुभाष प्रसाद सिंह की पुत्री अपराधियों से बचाने को लेकर पुलिस के वरीय पदाधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री और बिहार के डीजीपी तक को ट्वीट कर जान माल की सुरक्षा की गुहार लगा चुकी है। लेकिन लगातार अपराधियों के द्वारा धमकी दी जा रही है। वही युवती वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से लेकर डीआईजी और थानों के चक्कर काट काट कर परेशान हो चुकी है।

मामला क्या है?

दरअसल लालूचक के रहने वाले सुभाष प्रसाद सिंह ने 11 मई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।  जिसमें उन्होंने लिखा था कि उनसे एक लाख की रंगदारी की मांग की जा रही है। नहीं देने पर बेटी के साथ गलत काम करने और परिवार वालों पर एसिड अटैक करने की धमकी दी गई थी। जिसके बाद से परिवार सहमा हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज भी किया और एक अपराधी मंगल यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन दूसरा अपराधी मोहम्मद सरवर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, और उसके द्वारा परिवार वालों को लगातार धमकी दी जा रही है। जिसके कारण परिवार के लोग घर से बाहर निकलने में भी सहमे हुए हैं। वही लड़की ने पढ़ाई भी अपराधियों के डर से छोड़ दी है। पीड़ित के द्वारा अपने घर के पास सीसीटीवी कैमरा लगाया था। जिसके कारण से यह विवाद शुरू हुआ। 

सीसीटीवी को लेकर विवाद

दरअसल घर के पास कुछ मनचले युवक लगातार हल्ला हंगामा करने के साथ-साथ गाली गलौज करते थे। जिसको देखकर सुभाष प्रसाद सिंह के पुत्र शिवकुमार ने घर पर सीसीटीवी लगा दिया। जिसके बाद से अपराधी लगातार सीसीटीवी कैमरा हटाने और रंगदारी की मांग करने लगे। सुरक्षा की गुहार लगाने दर-दर भटक रही श्रेया सिंह का कहना है कि एक बार वरीय पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात हुई और उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया लेकिन अपराधियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वही फरार चल रहे मोहम्मद सरवर के माता पिता के द्वारा केश वापस लेने को लेकर दबाव दिया जा रहा है। अन्य अपराधियों के द्वारा भी धमकी दी जा रही है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची श्रेया की मुलाकात वरीय पुलिस अधीक्षक से तो नहीं हो पाई। लेकिन एएसपी शुभम आर्य से पीड़िता ने अपनी सारी बातें बताई। जिस पर उन्होंने घर आकर जांच करने की बात कही है। अब देखने वाली बात है कि पुलिस कब तक कार्रवाई करती है और फरार अपराधी को सलाखों के पीछे करती है। जिससे पीड़ितों को राहत मिल सके। हालाँकि इस मसले पर पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही है।

भागलपुर से बालमुकुन्द की रिपोर्ट

Find Us on Facebook

Trending News