सीएम के निर्देश की अधिकारियों ने की अनदेखी : कोसी के तेज बहाव में बह गया निर्माणाधीन पुल का पाया, 996 करोड़ की लागत से बन रहा हैं पुल व सड़क

सीएम के निर्देश की अधिकारियों ने की अनदेखी : कोसी के तेज बहाव में बह गया निर्माणाधीन पुल का पाया, 996 करोड़ की लागत से बन रहा हैं  पुल व सड़क

NAUGACHHIA : बिहार में पुलों के निर्माण में किस तरह की लापरवाही बरती जा रही है। दो माह पहले सुल्तानगंज में बन रहे पुल के ढांंचा गिरने की घटना की जांच पूरी भी नहीं हुई थी। बिहपुर शनिवार की दोपहर करीब दो बजे बहुप्रतीक्षित एनएच 106 मिसिंग लिंक (30 किलोमीटर ) बिहपुर से फूलोत तक कोसी नदी पर बन रहे पुल का एक 124 नंबर पाया (कुंआ) हरिओ के त्रीमुहान घाट के समीप कोसी नदी के तेज बहाव में बह गया। कोसी की मुख्य धारा में चार पाया (कुंआ) हैं, जिसमें एक पाया बह गया।

 कोसी नदी पर पुल मुंबई की एफकॉन कंपनी बना रही हैं.कोसी नदी पर 6.94 किमी लंबा फोर लेन पुल बन रहा हैं। जिसका टोल प्लाजा सिक्स लेन का और सड़क टू लेन का हैं। एफकॉन के प्रोजेक्ट मेनेजर बी के झा, डीजीएम अरविंद कुमार, सीनियर मेनेजर तकनीक शैलेश तिवारी एवं एजीएम रणजीत कुमार ने बताया की जो पाया (कुंआ) पानी में बह गया वो 1400 टन वजनी था और उसका व्यास 8.50 मीटर था। इस पाया के बह जाने से 2 करोड़ 27 लाख रुपया का नुकसान कंपनी को हुआ। कोसी की मुख्य धारा में चार पाया 121,122,123 और 124 हैं। तीन पाया का काम पूरा हो चुका हैं। लेकिन 124 नंबर पाया का नीचे कंक्रीट आ जाने के कारण नहीं पूरा हो पाया। 

कुआं के नीचे था बिजली का खंभा

वहीं गोताखोर को बुला कर जब दिखाया तो 1 जून को पता चला की कुंआ के नीचे बंडल में बिजली का पोल था।  कोसी के पानी का बहाव तेज होने के कारण कुंआ के नीचे से मिट्टी खिसक गई और ये कुंआ (पाया) बहाव में बह गया। पुल का निर्माण एवं सड़क कुल मिलाकर 996 करोड़ कीलागत से हो रहा हैं। जिसमें 41पुलिया ,माइनरब्रिज का निर्माण हो रहा हैं। पुल निर्माण का कार्य 7 मार्च सेशुरू हुआ था और 6जून 2024 को खत्म होना हैं। 

ज्ञात हो की मिसिंग लिंक में टोटल 141कुंआ (पाया) हैं. जिसमें मधेपूरा जिले के फूलोत में 22 कुंआ और भागलपुर जिले में 22कुंआ (पाया) पर काम चल रहा हैं.10 जून से ही कोसी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गया हैं। 18 जून को करीब 2 मीटर जल स्तर बढ़गया।कोसी के पानी का बहाव 1.9 मीटर/सेकेंड का हैं. जिस कारण निर्माणाधीन पाया (कुंआ) कोसी केगर्भ में समा गया।

गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री पिछले कई मीटिंग में अधिकारियों को यह निर्देश दे चुके हैं कि निर्माणाधीन पुलों के काम में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। लेकिन इसके बाद भी पुलों के टूटने का सिलसिला थम नहीं रहा है।

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