वर्कशॉप की आड़ में हो रहा था मिनी गन फैक्ट्री का संचालन, छापेमारी से मिली ढाई दर्जन से ज्यादा अर्द्धनिर्मित पिस्टल, तीन लोग गिरफ्तार

वर्कशॉप की आड़ में हो रहा था मिनी गन फैक्ट्री का संचालन, छापेमारी से मिली ढाई दर्जन से ज्यादा अर्द्धनिर्मित पिस्टल, तीन लोग गिरफ्तार

JAMUI : वर्कशॉप के नाम पर अवैध तरीके से चल रहे मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में 30 के करीब अर्द्धनिर्मित पिस्टल के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार फैक्ट्री में बने हथियारों को दूसरी जगह सप्लाई किया जाता था।

इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए जिले के पुलिस कप्तान प्रमोद कुमार मंडल ने बताया कि ऐसी सूचना मिली थी कि शहर के हरनाहा मोड़ पर स्थित मां अंबे रीबोरिंग एंड इंजीनियरिंग वर्कशॉप में मिनी गन फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है, जिसके बाद पुलिस की एक टीम ने वहां छापेमारी की। इस कार्रवाई में वर्कशॉप से 30 अर्द्धनिर्मित औक एक तैयार पिस्टल बरामद किया गया। चार घंटे तक की गयी छापेमारी में भारी मात्रा में हथियार बनाने का सामान भी बरामद किया गया है।

वहीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि दुकान संचालक मुंगेर जिले के दलहट्टा निवासी प्रमानंद शर्मा के साथ मुंगेर के कासिम बाजार निवासी बामू शर्मा और लखीसराय के खैरी गांव निवासी राजेश मिस्त्री को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

छह माह से चल रहा था कारोबार

बता दें कि मुंगेर जिले के दलहट्टा निवासी परमानंद शर्मा ने 2019 में किराए पर सिकंदरा के विनय साव का मकान लिया था और  मां अंबे के नाम से रीबोरिंग एंड इंजीनियरिंग वर्कशाप चला रहा था। इसी वर्कशाप की आड़ में छह महीने से अवैध हथियार बनाने का काम किया जा रहा था।

बताया गया कि मुंगेर के ही बबलू गुप्ता प्रत्येक दूसरे दिन निर्मित हथियार सप्लाई के लिए ले जाता था। पुलिस गन फैक्ट्री से संबंध रखने वाले सभी लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। बिंदुओं पर अनुसंधान कर रही है।




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