मायागंज अस्पताल की लचर व्यवस्था से फिर गई मरीज की जान, परिजनों ने घंटों काटा बवाल

मायागंज अस्पताल की लचर व्यवस्था से फिर गई मरीज की जान, परिजनों ने घंटों काटा बवाल

BHAGALPUR : भागलपुर का जेएलएनएमसीएच पूर्वी बिहार का बड़ा सरकारी अस्पताल है। जिसमें भागलपुर के अलावे कई जिलों से मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के चलते आए दिन यहां मरीजों को लचर व्यवस्था का दंश झेलना पड़ता है। ऐसा ही ताजा मामला मायागंज अस्पताल में आज देखने को मिला। बताते चले की इनकम टैक्स के एक कर्मी बिहार चंद्र ठाकुर का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा था। लेकिन जब उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनके बेटे पवन कुमार ठाकुर उन्हें दूसरे जगह इलाज के लिए ले जाने लगे। 


लेकिन डॉक्टर हेमशंकर शर्मा ने परिजन को बताया की 3 दिन हमारे यूनिट में रखें। यह ठीक हो जाएंगे। लेकिन अपने यूनिट में हेमशंकर शर्मा एक बार भी मिलने नहीं आए। जिससे उनकी स्थिति और नाजुक होती गई और उनकी मौत हो गई। इसको लेकर परिजनों ने मायागंज अस्पताल में घंटों बवाल काटा।

परिजनों का कहना था की हमारे पिताजी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था। फिर भी हेमशंकर शर्मा ने यहां से नहीं जाने दिया। जिसके चलते हमारे पिताजी का आज देहांत हो गया। इसका सिर्फ और सिर्फ दोषी डॉक्टर हेमशंकर शर्मा और उसकी यूनिट है। 

बताया जा रहा है की डॉक्टर हेमशंकर शर्मा और उनके पुत्र पर आज से ठीक कुछ दिन पूर्व भी हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज  किया गया था। यह भी बताया जा रहा है की भागलपुर जिला में लगभग सभी सरकारी संस्थान में कार्य करने वाले डॉक्टर सरकारी संस्थान से बाहर अपना क्लीनिक चलाते है। उक्त डॉक्टर का भी क्लीनिक तिलकामांझी क्षेत्र में है। इसी वजह से सरकारी डॉक्टर सरकारी संस्थान में अपना कम समय देते है और अपने प्राइवेट क्लीनिक में ज्यादा समय देते है।

भागलपुर से बालमुकुन्द की रिपोर्ट 

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