रेलवे कैंटीन के ठेकेदार कि रुपए के लालच में वहां काम करने वाली महिला कर्मचारी ने ही कर डाली हत्या, ऐसे रची पूरी साजिश

रेलवे कैंटीन के ठेकेदार कि रुपए के लालच में वहां काम करने वाली महिला कर्मचारी ने ही कर डाली हत्या, ऐसे रची पूरी साजिश

MUZAFFARPUR : पिछले दिनों हुए सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन के कैंटीन ठेकेदार 80 वर्षीय अरुण कुमार की निर्मम हत्या रुपये के लालच में की गई है । उनकी हत्या की साजिश रचने वाला और कोई नही बल्कि कैंटीन में काम करने वाली महिला सूर्यकला देवी थी। जिसपर उन्हें सबसे अधिक भरोसा किया था। उसी महिला ने हत्या की साजिश रची । इसको लेकर महिला ने स्टेशन के एक वेंडर व एक अन्य युवक को साजिश में शामिल किया । ताकि, हत्या के बाद मोटा रकम हाथ लग सके । हत्या के बाद मृतक के अलमीरा को भी तोड़ने का प्रयास किया गया । अलमीरा नही टूटने पर मृतक का कुर्ता व बंडी पहनकर अपराधी फरार हो गए । घटना को लेकर शुक्रवार को रेल एसपी अशोक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की । 

प्रेस कांफ्रेंस में  उन्होंने बताया कि शिवहर जिले के पिपराही थाना के धनकौल निवासी रेलवे कैंटीन ठेकेदार अरुण कुमार की हत्या पैसो के लालच में की गई थी । उनकी हत्या कैंटीन में काम करने वाली सीतामढ़ी के बथनाहा थाना के कोआरी निवासी सूर्यकला देवी, नगर थाना के आदर्श नगर वार्ड संख्या दो का रहने वाला वेंडर गुड्डू कुमार व पुनौरा थाना के मधुबन निवासी मंतोष यादव ने मिलकर की । हत्या की साजिश सूर्यकला देवी ने रची थी। गुड्डू व मंतोष को अपने अपने घरों से गिरफ्तार किया गया। गुड्डू व मंतोष को पैसो का लालच दिया गया था। दोनो को कहा गया था कि आज काफी कलेक्शन हुआ है । 

अरुण की हत्या कर दें तो काफी पैसा हाथ लगेगा। इसपर दोनों तैयार हो गए। इसके बाद देर रात सवा 3 बजे अरुण की गला रेतकर हत्या की गई। इसके बाद उसके अलमारी को तोड़ने का प्रयास किया गया। हत्या के बाद अरुण का कुर्ता व बंडी अपराधियो ने पहन लिया। साथ ही, चाकू व मृतक का मोबाइल को अपने साथ लेकर फरार हो गए थे। उन्होंने कहा कि हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू  व मृतक के कपड़े को भी बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि तीनों के पास से 4 मोबाइल, 7 हजार रुपये नकद भी बरामद किया गया है। 

गुड्डू चलाता था चाय का स्टॉल, हत्या के बाद मंतोष के साथ हुआ फरार, गुमराह करने के लिए सूर्यकला देवी मौजूद रही कैंटीन में  

बताया गया कि गुड्डू स्टेशन पर ही चाय का स्टाल लगाता था। उक्त स्टॉल भी उसने अरुण से ही लिया था। किसी बात को लेकर गुड्डू को अरुण ने हटा दिया था। इससे वह अरुण आए गुस्सा भी था। इसी बीच सूर्यकला देवी ने इसका फायदा उठाया। बताया गया कि जब अरुण की हत्या की गई तब रुपये भी खोजे जा रहे थे। हत्या करने के बाद सूर्यकला देवी ने गुड्डू व मंतोष को भागने के लिए कहा। लेकिन, वह खुद नही गई। वह कैंटीन में ही रुक गई। ताकि, पुलिस को शक नही हो ।  छानबीन के दौरान पुलिस ने महिला से पूछताछ किया। इसी बीच पुलिस को उसपर संदेह हुआ। सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद शक बढ़ गया। 

स्टेशन के पीछे चाकू झाड़ी में  चाकू व खून से सने कपड़े को जलकुंभी में छिपाया 

हत्या के बाद गुड्डू ने चाकू ले लिया। जबकि, मंतोष मृतक का कुर्ता व बंडी पहन लिया। इनके बाद मौके से फरार हो गया। फरार होने के बाद दोनों स्टेशन के पीछे पहुंचे। चाकू को एक पेपर में डालकर स्टेशन के पश्चिम गुमटी के समीप झाड़ी में छिपाकर रख दिया। वही, कपड़े को स्टेशन के पीछे जलकुंभी में छिपाकर रखा था। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए। बताते चले कि 16 अगस्त को अरुण की निर्मम हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद रेल एसपी के निर्देश पर स्पेशल टीम का गठन किया गया। जिसके बाद सभी को 36 घंटे में गिरफ्तार किया गया।

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