इनसे सीखे समाज: नौवीं कक्षा की प्रिया चला रही ‘शिक्षादान’ अभियान, बड़े-बड़ों को पीछे छोड़ धरातल पर लाई ‘सर्व शिक्षा अभियान’

इनसे सीखे समाज: नौवीं कक्षा की प्रिया चला रही ‘शिक्षादान’ अभियान, बड़े-बड़ों को पीछे छोड़ धरातल पर लाई ‘सर्व शिक्षा अभियान’

MOTIHARI: पूर्वी चम्पारण के मोतिहारी की एक लड़की इन दिनों मानवता की मिसाल पेश कर रही है। प्रिया पासवान गरीब, बेसहारा बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगा रही है। मोतिहारी के रघुनाथपुर मोहल्ले की प्रिया पासवान खुद 9वीं कक्षा की छात्रा है। हालांकि इस कच्ची उम्र में उसके इरादे नेक हैं और हौसले बुलंद है।

यह कहानी है मोतिहारी की प्रिया पासवान की, जो खुद नौवीं कक्षा तक ही पढ़ पाई। कोरोना सहित अन्य कारओं से इनकी आगे की पढ़ाई नहीं हो सकी, मगर इन्होनें हार नहीं मानी। शिक्षा के महत्व को समझते हुए प्रिया ने ‘शिक्षादान’ कार्यक्रम शुरू किया। जहां वह घर में ही उन बच्चों को पढ़ा रही हैं, जो उनसे छोटे हैं, और समाज के सबसे नीचे तबके से आते हैं। वैसे मां-बाप, जिनके पास इतनी धनराशि नहीं होती, कि वह दो वक्त का खाना भी मुश्किल से जुटा सकें, उनके बच्चों को प्रिया पासवान पढ़ाती हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रिया पासवान के पिता मोतिहारी सेंट्रल जेल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। अपनी बच्ची के इस प्रयास से वह गर्व से फूले नहीं समा रहें हैं। उन्हें खुशी इस बात की है कि भले ही प्रिया को पढ़ाई छोड़नी पड़ी हो, मगर पढ़ने-पढ़ाने की ललक और शिक्षा का महत्व उसे बखूबी मालूम हो गया है।

इतना ही नहीं, प्रिया खुद की सेविंग्स के इन बच्चों के लिए कॉपी, किताबें और लेखन सामग्री भी लेकर आती हैं, ताकि बच्चे पढ़ने से कतराए नहीं। फिलहाल आधे दर्जन से अधिक बच्चे प्रिया के घर उससे पढ़ने आते हैं। इस बच्ची के इस पुनीत कार्य पर मोहल्ले वासी भी काफी खुश है  और इसे हरसंभव सहायता करने की बात कर रहे हैं। चाहे जो कुछ भी हो लेकिन ये लड़की आज के समाज मे एक प्रेरणास्त्रोत है। गरीब और बेसहारा बच्चों के लिए भगवान का दूसरा रूप बनकर उभर रही है। वहीं समाज के सामने एक नजीर पेश कर रही है। जरूरत है कि ऐसे पुनीत कार्य करने वाली लड़की को हरसंभव सहायता करने की ताकि समाज मे कोई भी बच्चा अनपढ़ न रहे।

Find Us on Facebook

Trending News