छठ की तैयारियों को लेकर गंगा घाटों के तीन घंटे तक जायजा लेते रहे जिलाधिकारी और एसएसपी का अमला, बताया क्या है गंगा का जलस्तर

छठ की तैयारियों को लेकर गंगा घाटों के तीन घंटे तक जायजा लेते रहे जिलाधिकारी और एसएसपी का अमला, बताया क्या है गंगा का जलस्तर

जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज छठ महापर्व 2022, की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का पैदल स्थलीय निरीक्षण किया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक,मध्य, पुलिस अधीक्षक यातायात, अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर, अपर समाहर्त्ता, अपर समाहर्त्ता आपदा प्रबंधन, विशिष्ट पदाधिकारी अनुभाजन, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग, उप महा प्रबंधक, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी/भवन निर्माण/बुडको, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, पाटलिपुत्र अंचल, संबंधित घाटों के वरीय नोडल पदाधिकारी एवं नोडल पदाधिकारी तथा अन्य के साथ उन्होंने विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया।

    प्रातः 6ः30 बजे दीघा पाटीपुल घाट से प्रारंभ कर राजापुर पुल घाट तक लगभग पाँच किलोमीटर में तीन घंटा तक 13 घाटों का उन्होंने एक-एक कर पैदल भ्रमण किया तथा गंगा का जल-स्तर, घाट निर्माण, एप्रोच रोड, अंडरपास से पानी की निकासी, पार्किंग, सुरक्षा-व्यवस्था, भीड़-प्रबंधन, यातायात प्रबंधन सहित सभी बिन्दुओं पर उन्होंने तैयारियों एवं योजनाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक निदेश दिया। जेपी सेतु पश्चिमी घाट, जेपी सेतु पूर्वी घाट, मीनार घाट, बिन्दटोली घाट, गेट नं. 93 घाट, गेट नं. 92, 88 घाट, गेट नं. 83 घाट, बालू पर घाट, कुर्जी घाट पाटलिपुत्रा घाट, एलसीटी घाट, पहलवान घाट, बाँस घाट एवं राजापुर पुल घाट पर पैदल चलकर जिलाधिकारी ने घाट की वर्तमान स्थिति तथा प्रबंधन का अवलोकन किया, संरचनाओं को देखा एवं आवश्यक निदेश दिया। 

    डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले पाँच दिन में पटना में गंगा नदी के जल-स्तर में लगभग 1 मीटर 15 सेंटीमीटर की कमी आयी है। आज दिनांक 22.10.2022 को पूर्वाह्न 6ः00 बजे गंगा नदी का जल-स्तर 47.81 मीटर था जो कल दिनांक 21.10.2022 को संध्या 6ः00 47.90 मीटर था। प्रति घंटा लगभग 1 सेंटीमीटर की दर से जल-स्तर मे कमी देखी जा रही है। आने वाले दिनों में जल-स्तर में एक से सवा मीटर कमी आने की संभावना है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि इस बार छठ पर्व 30 एवं 31 अक्टूबर को है। विगत वर्ष छठ पर्व के दिन 10 नवम्बर, 2021 केा जल-स्तर 45.45 मीटर था। इस वर्ष छठ पर्व के दिन जल-स्तर 46.00 मीटर रहने का अनुमान है। 

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि गंगा के जल-स्तर में कमी एवं घाटों की भौतिक स्थिति को देखते हुए छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा तीव्र गति से सभी तैयारी की जा रही हैं। रात्रि पाली मे भी काम की जा रही है। छठ पूजा से पहले सभी तैयारी पूरी कर ली जाएगी। सेक्टर पदाधिकारियों का 21 दल 105 घाटों पर कैम्प कर सभी व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है जैसे-जैसे जल-स्तर में कमी आ रही है वैसे-वैसे एप्रोच पथ के निर्माण एवं घाटों पर आवश्यक व्यवस्था तथा प्रबंधन में प्रगति लायी जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि दीघा से लेकर घाट 83 तक एप्रोच रोड सुगम है। सिर्फ घाट संख्या 93 के नजदीक अंडरपास में पानी लगा हुआ है तथा घाट पर भी अभी पानी है। परन्तु जैसे-जैसे गंगा नदी का जल-स्तर कम हो रहा है वैसे-वैसे घाट से भी पानी हट रहा है तथा छठ घाटों की स्थिति में सुधार हो रहा है। अंडरपास से पानी निकालने की कार्रवाई की जा रही है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि जल-स्तर के घटने के साथ ही स्थितियां बदलेगी। बहुत सारे घाट जो आज के समय असुरक्षित लग रहे हैं उसके बारे में पानी के घटने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी अभी लगभग 5 दिन का समय है। 25 या 26 अक्टूबर को प्रशासन द्वारा खतरनाक घाटों की सूची जारी की जाएगी जहाँ आम जनता का आना प्रतिबंधित रहेगा।

    डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा सुचारू यातायात-प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। घाटों पर सीसीटीवी कैमरा से निगरानी की जाएगी। सभी घाटों पर वाच टाँवर एवं नियत्रंण कक्ष की स्थापना की जा रही है। मजिस्ट्रेट एवं फोर्स का डेपुटेशन रहेगा। एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ के साथ-साथ रिवर पेट्रोलिंग भी क्रियाशील रहेगा मेडिकल टीम भी तैनात रहेगा।

    डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि इस साल छठ पूजा के प्रसंग में जेपी गंगा पथ एक नयी संरचना है। हमलोग तद्नुसार सारी तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने डीजीएम, बीएसआरडीसीएल को जेपी गंगा पथ से घाटों तक आने वाले रास्ते को सुचारू एवं सुगम करने का निदेश दिया। पैदल आने-जाने वालों तथा वाहनों के प्रवेश के लिए समतलीकरण तथा सीढ़ी निर्माण सहित सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। डीएम डॉ. सिंह ने छठ घाटों को स्वच्छ रखने का निदेश दिया। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी तथा अपर समाहर्त्ता को दो दिनों तक अतिक्रमण हटाओ ड्राइव चलाने का निदेश दिया। डीएम डॉ. सिंह ने सेक्टर पदाधिकारियों को कार्यकारी एजेसियों से योजनाबद्ध ढंग से कार्य कराने का निदेश दिया। उन्होंने पूजा समितियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा। 

    डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डेडिकेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट तथा पार्किंग की सुविधा रहेगी। 

    गौरतलब है कि छठ घाटों की तैयारियों एवं अन्य व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण डीएम डॉ. सिंह द्वारा नियमित तौर पर किया जा रहा है। 23 एवं 24 अक्टूबर को भी 6ः30 बजे पूर्वाह्न से घाटों का निरीक्षण निर्धारित है। 23 अक्टूबर को कलेक्टोरेट घाट से रानी घाट तक तथा 24 अक्टूबर को गायघाट से दीदारगंज घाट तक पैदल स्थलीय निरीक्षण निर्धारित है।

    डीएम डॉ.सिंह ने कहा कि छठव्रतियों की सुविधा एवं सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। लगभग 45 से ज्यादा तालाबों एवं इतनी ही संख्या में पार्क में भी छठव्रतियों के लिए प्रबंधन किया गया है। अपार्टमेंट के छत पर भी लोगों द्वारा छठ किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा टैंकर के माध्यम से घरों एवं कॉलोनियों में श्रद्धालुओं तथा छठव्रतियों के लिए गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा।   डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन मुस्तैद है।

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