दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में नहीं दिखेगी बिहार की झांकी, लगातार सात सालों से किया जा रहा रिजेक्ट

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में नहीं दिखेगी बिहार की झांकी, लगातार सात सालों से किया जा रहा रिजेक्ट

पटना. नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में इस बार भी बिहार की झांकी नहीं दिखाई देगी। बिहार की झांकी को इस बार भी शामिल नहीं किया गया है। केंद्र की विषय विशेषज्ञ समिति ने 'गयाजी बांध' थीम पर आधारित प्रस्तावित झांकी को खारिज कर दिया है। ऐसे में गणतंत्र दिवस पर परेड में लगातार सातवें साल बिहार की झांकी दिखाई नहीं देगी।

लगातार सातवां साल है, जब बिहार की कोई झांकी कर्तव्य पथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में नहीं दिखेगी। 2021 में गांधी के पद चिह्नों पर अग्रसर बिहार, 2020 में जल जीवन हरियाली मिशन, 2019 में शराबबंदी, 2018 में छठ पर्व और 2017 में विक्रमशिला एक प्राचीन शैक्षणिक केंद्र के विषय पर झांकियों की थीम बिहार की ओर से भेजी गई थी। इसे केंद्र की ओर से रिजेक्ट किया गया था। 2016 के परेड में आखिरी बार बिहार सरकार की झांकी नजर आई थी। इसमें थीम 1917 का चंपारण आंदोलन था।

झांकी को शामिल नहीं किए जाने को लेकर बताया जा रहा कि ये चयन कई पैरामीटर्स पर निर्भर करता है। इसमें विजुअल अपील, जनता पर प्रभाव, विचार, विषय, संगीत और झांकी में शामिल जरूरी डिटेल्स भी शामिल है। 2016 में बिहार की झांकी को जब ग्रीन सिग्नल दिया था तो उसकी कई वजहें थीं। कमिटी ने उस समय महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह जैसे ऐतिहासिक स्थानों और घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती थीम को प्राथमिकता दी थी।

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