बिहार से 'दंगा' शब्द होगा खत्म! केंद्र को पत्र भेजेगी नीतीश सरकार, पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर गृह विभाग ने दी सहमति

बिहार से 'दंगा' शब्द होगा खत्म! केंद्र को पत्र भेजेगी नीतीश सरकार, पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर गृह विभाग ने दी सहमति

PATNA: बिहार में कुल स्वीकृत 1096 थाना एवं 264 ओपी में अब तक 97 थाना एवं 45 ओपी भूमिहीन हैं. गृह विभाग की 16 जुलाई की बैठक में भूमिहीन थानों से लेकर कब्रिस्तान,मंदिर की चाहरदीवारी,थानों में महिला थानाध्यक्ष-पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर समीक्षा की गई। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुलिस मुख्यालय के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय के उस प्रस्ताव पर सहमति दे दी जिसमें दंगा जैसे विषय को दूसरे रूप में नामांकित-वर्गीकरण करने को लेकर गृह मंत्रालय को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया है।

बिहार सरकार ने स्वीकार किया है कि 97 थानों के पास अपनी जमीन नहीं है। वहीं 45 ओपी भी भूमिहीन हैं। इनमें 34 भूमिहीन थाना एवं 9 ओपी का प्रस्ताव एनओसी के लिए उपलब्ध है. जबकि 4 भूमिहीन थाना एवं 13 ओपी के भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव गृह विभाग को प्राप्त हुआ है. 43 अनापत्ति, 53 लीज- भू अर्जन एवं 17 चिन्हित सरकारी भूमि का हस्तांतरण लंबित है. वहीं 14 इकाइयों की भूमि अब तक चिन्हित नहीं की जा सकती है. बिहार में 33 गैर अधिसूचित लेकिन संचालित स्थानों की अधिसूचना की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने को कहा गया है.

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बैठक में पुलिस थानों में महिला एसएचओ तथा महिला कांस्टेबल की पदस्थापना को लेकर समीक्षा की। गृह विभाग ने कुल पुलिस पदाधिकारी- कर्मियों में पुरुष एवं महिला के आधार पर वर्गीकरण कर उनके पदस्थापन से संबंधित आंकड़े मांगे हैं .गृह विभाग की बैठक में एक अति महत्वपूर्ण मुद्दे पर पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। दंगा जैसे विषय को दूसरे रूप में नामांकित-वर्गीकरण करने के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार को पत्र भेजने का पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है.

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