स्वास्थ्य विभाग में अवैध रूप से बहाल होने वाले कर्मियों में मचा हड़कंप, तीन लिपिक हुए बर्खास्त

स्वास्थ्य विभाग में अवैध रूप से बहाल होने वाले कर्मियों में मचा हड़कंप, तीन लिपिक हुए बर्खास्त

NAWADA : जिले के स्वास्थ्य विभाग में अवैध तरीके से बहाल कर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिरने लगी है. फिलहाल तीन लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है. जिसमें गोविंदपुर पीएचसी में कार्यरत लिपिक देवेंद्र शर्मा, सदर अस्पताल में कार्यरत उपेंद्र शर्मा और सुरेंद्र प्रसाद सिंह का नाम शामिल है. 

इस कड़ी में आगे अभी अन्य कई कर्मियों को बर्खास्त किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद महकमे ने यह कार्रवाई की है. मामला अवैध बहाली से जुड़ा है. कार्रवाई शुरू होने के बाद ऐसे अवैध रूप से बहाल होने वाले कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है. जानकारों की मानें तो जिले में तकरीबन तीन दर्जन कर्मी इस प्रकार की कार्रवाई की जद में हैं. हालांकि इस प्रकार से बहाल होने वाले कई कर्मी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं. 

मिली जानकारी के अनुसार पूरे सूबे में स्वास्थ्य विभाग में आरडीडी स्तर पर कई लोगों को बहाल किया गया था. कालांतर में ऐसे कर्मियों पर कार्रवाई शुरू हुई थी. जिसके बाद ऐसे कर्मियों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी. जिसमें निर्णय कर्मियों के पक्ष में गया था. लेकिन सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई. जहां सरकार के पक्ष में निर्णय आया. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और सक्षम पदाधिकारी के स्तर पर बहाली नहीं होने पर उन कर्मियों की बहाली को अवैध ठहराया. जिसके बाद विभाग ने बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है.  

सिविल सर्जन डॉ. श्रीनाथ प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार के पक्ष में फैसला आने के बाद विभाग ने बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की है. फिलहाल जिले के तीन कर्मियों को चयन मुक्ति करते हुए इससे संबंधित पत्र उपलब्ध करा दिया गया है. आगे विभाग से जो निर्देश मिलेगा, उसके अनुरुप काम किया जाएगा. 

नवादा से अमन सिन्हा की रिपोर्ट


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