भोजपुरी भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए दिल्ली में कल होगा धरना, जंतर-मंतर पर जुटेंगे कई दिग्गज

भोजपुरी भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने के ल

PATNA: भोजपुरी भाषा को भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल कराने हेतु भोजपुरी जन जागरण अभियान द्वारा 22 वां धरना दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से संगठन से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से भोजपुरी भाषा को भारतीय संविधान में शामिल‌ करने की मांग की जाएगी। 

जैसा कि आप जानते हैं कि भोजपुरी भाषा पूरी दुनिया में पच्चीस करोड़ लोगों द्वारा तीस देशों में बोली जाती है। इस भाषा का साहित्य और सिनेमा निरंतर अंतरराष्ट्रीय ऊंचाई को प्राप्त कर रहा है। बावजूद इस भाषा को संविधान में अब तक जगह नहीं मिलना भोजपुरिया लोगों के साथ एक सौतेला व्यवहार है।

विदित हो कि भोजपुरी भाषा के संवैधानिक दर्जा की मांग 1969 से चली आ रही है। देश के कई संगठनों ने समय समय पर दिल्ली के जंतर मंतर सहित राज्य एवं जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन समेत पत्राचार के माध्यम से विभिन्न सरकारों से मांग करती आई हैं।‌ भोजपुरी जन जागरण अभियान जो कि Bhojpuri Language Recognition Movement का एक इकाई है जो पुरवैया (रजि०) संस्था द्वारा संचालित होता है। इसमें अभी तक 21 बार जंतर मंतर पर धरना कर सरकार को इस बाबत ध्यान आकृष्ट कराया है। इस धरना में देश के विभिन्न प्रान्तों से भोजपुरी प्रेमी शामिल होने आ रहे हैं।