13 साल की उम्र में 56 कंपनियों का सीईओ बन गया बिहार का यह लड़का, 18 घंटे करता है काम, आमदनी जानकर हो जाएंगे हैरान

13 साल की उम्र में 56 कंपनियों का सीईओ बन गया बिहार का यह लड़का, 18 घंटे करता है काम, आमदनी जानकर हो जाएंगे हैरान

MUZAFFARPUR : 13 साल की उम्र में किसी बच्चे को यह पता नहीं होता है कि वह अपना करियर किस दिशा में बनाना पसंद करेगा। इन सबसे अलग बिहार के मुजफ्फरपुर का रहनेवाला एक लड़का सिर्फ 13 साल की उम्र एक दो नहीं, बल्कि 56 ऑनलाइन कंपनियों का मालिक है। इन कंपनियों को संचालित करने के लिए वह दिन के 18-18 घंटे काम करता है।

इस कमाल के लड़के का नाम सूर्यांश है। जब उससे इस छोटी सी उम्र में इतनी कंपनियों के सीईओ बनने के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उसने यह आइडिया सबसे पहले अपने पिता संतोष कुमार को बताया। जिसके बाद पिता ने हौंसला बढ़ाया। जिसके बाद सूर्यांश ने अपनी पहली कंपनी उसने ई-कॉमर्स की शुरूआत की। इस कंपनी को खोलने का उद्देश्य 30 मिनट के भीतर किसी भी सामान को लोगों के घर तक पहुंचाना है. सूर्यांश ने कहा कि उसकी ये कंपनी जल्द ही लोगों के घर तक सामान पहुंचाने लगेगी।

18-18 घंटे काम करता है सूर्यांश

 13 वर्षीय सूर्यांश ने बताया कि उसके द्वारा बनाए एक और कंपनी है, जिसका नाम शादी कीजिये डॉट कॉम है, जो लोगों को जीवन साथी चुनने में मदद कर रही है. छात्र ने बताया कि उनकी क्रिप्टो करेंसी से जुड़ी मंत्रा फाई कंपनी भी आने वाली है। किशोर ने बताया कि वह अपनी कंपनियों को विस्तार करने के लिए 18-18 घंटे तक काम करता है।

नहीं जा पाता है स्कूल

अपनी कंपनियों के लिए 18 घंटे समय देने के कारण सूर्यांश स्कूल भी नहीं जा पाता है।  लेकिन उसे स्कूल की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है और वह आगे अपने जीवन में इसी काम को आगे ले जाना चाहता है। छात्र ने बताया कि उसने एक किताब द स्मैश गाये लिखी थी और अब वह फाइनेंस से संबंधित एक पुस्तक लिख रहा है

अभी कोई आमदनी नहीं

56 कंपनी शुरू करनेवाले 13 साल के सूर्यांश का कहना है कि अभी इन कंपनियों से किसी प्रकार की आय नहीं हो रही है। लेकिन उसे उम्मीद है कि जल्द ही उसकी कंपनी काम करने लगेगी और आमदनी भी होनी शुरू हो जाएगी।

पिता का है एनजीओ

बता दें कि सूर्यांश के माता-पिता एनजीओ चलाते हैं. उनके पिता का एनजीओ संयुक्त राष्ट्र से जुड़ा हुआ है. सूर्यांश के माता-पिता ने बताया कि उनका बच्चा खेलने के उम्र में कंपनी चला रहा है, जो दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। वहीं, सूर्यांश ने बताया कि इस काम में उसके परिवार वालों का पूरा सहयोग मिल रहा है। पिता उसका मनोबल लगातार बढ़ा रहे हैं। 

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