ट्रेनों में चोरी के लिए अपनाते थे यह नायाब तरीका, पुलिस भी जानकर हो गई हैरान

ट्रेनों में चोरी के लिए अपनाते थे यह नायाब तरीका, पुलिस भी जानकर हो गई हैरान

CHHAPRA :  रेल पुलिस, आरपीएफ और एसआईबी की टीम ने जाल बिछाकर ट्रेन लूट में शामिल एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत दो अपराधियों को देसी कट्टा व अन्य उपकरण के साथ गिरफ्तार किया है। बताया गया कि गिरोह के सदस्य ट्रेनों में रिजर्वेशन कराकर सफर करते थे और मौका पाते ही साथ में बैठे दूसरे यात्रियों का सामान लेकर फरार हो जाते थे। 

कार्रवाई को लेकर रेल पुलिस के इंस्पेक्टर हेमंत कुमार ने मंगलवार को बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि आनंद विहार से छपरा आने वाली ट्रेन संख्या 05116 में अंतरराज्यीय गिरोह के अपराधी किसी आपराधिक योजना के तहत छपरा आ रहे हैं। जिसके बाद एक टीम जंक्शन पर ट्रेन का आने का इंतजार करने लगी।  जैसे ही ट्रेन छपरा जंक्शन पर पहुंची कि घेराबंदी शुरू कर दी गई, इस दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश की लेकिन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। थाने लाकर जब इनकी जांच गई तो एक देसी कट्टा, ताला खोलने वाला पेचकस, लोहे का मोटा दाब, 4 मोबाइल और विदेशी शराब जब्त की गयी। 

रेल पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना अनमोल कुमार है, जो वैशाली जिले के सदर थाने के चक बीज गाणी मोहल्ले के उमा शंकर दास का पुत्र बताया जाता है। वहीं दूसरा अपराधी उत्तर प्रदेश के शाहनवाजपुर के निगोही थाने के बलरामपुर गांव का मंगल सिंह बताया जाता है। रेल थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने इन लोगों से पूछताछ की तो अपराधियों ने कई अहम सुराग भी मिले हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस टीम लगातार काम कर रही थी। आखिरकार यह पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

सूचना देने वाले ने भेजी थी तस्वीर


बताया गया कि रेल पुलिस को गुप्त सूचना देने के साथ व्हाट्स अप पर उसकी तस्वीर भी शेयर की थी, जिसके बाद उसकी पहचान करना आसान हो गया। रेल पुलिस के अनुसार इस गिरोह में जिसमे उनके अलावे तीन अन्य (1) चंदन दास s/o उमाशंकर दास, r/o चक विजगानी, थाना- सदर, जिला- वैशाली (2) राहुल कुमार s/o त्रिलोकीनाथ r/o बरुतपुर, थाना- दिघवारा, जिला- छपरा व (3) मुकेश कुमार s/o अज्ञात, r/o खइला देसरी, जिला- मुजफ्फरपुर शामिल हैं। जो पीछे की तरफ इसी ट्रेन में थे। लेकिन पुलिस की धरपकड़ देख वह फरार हो गए।

पूछताछ में अनमोल ने बताया कि सभी मिलकर अपराध की योजना बनाते हैं और पकड़े जाने से बचने के लिए वारदात वाली गाड़ियों में अपनी आईआरसीटीसी आईडी से रिजर्वेशन कर लेते हैं ताकि कोई शक न करे। उनके द्वारा हाजीपुर- गोरखपुर, हाजीपुर- शाहगंज, हाजीपुर-प्रयागराज रेलमार्गों पर चलने वाली गाड़ियों में चोरी की घटनाएं की जाती हैं। बरामद हथियार यात्रियों को डराने व अपनी सुरक्षा के लिए रखते हैं। ट्रेनों में यात्रियों द्वारा लगाए गये अटैची लॉक व चैन आदि को तोड़ने के लिए बड़े पेचकस रखते हैं जो कभी मौके पर हथियार की तरह भी इस्तेमाल हो जाये।

चार दिन पहले ट्रेन में की थी लूटपाट

छपरा-सोनपुर रेल खंड पर अपराधियों ने एक 11 जुलाई को समस्तीपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल को जाने वाली ट्रेन के स्लीपर कोच में महिला समेत चार यात्रियों से ट्रेन में लूटपाट की थी। नकद समेत करीब एक लाख की संपत्ति इन अपराधियों ने लूट ली थी। उसके बाद से ही टीम इन अपराधियों पर लगातार नजर रख रही थी। बताया गया कि दोनों बदमाश ने ट्रेनों में लगभग आधा दर्जन से ज्यादा चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। जिसको लेकर अलग अलग स्टेशनों पर मामला दर्ज है



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