ट्रांसफर-पोस्टिंग में 'परिवहन' विभाग हुआ बेनकाब! RJD का CM नीतीश पर बड़ा हमला-अवैध वसूली का व्यापार- हजारों करोड़ का है कारोबार

ट्रांसफर-पोस्टिंग में 'परिवहन' विभाग हुआ बेनकाब! RJD का CM नीतीश पर बड़ा हमला-अवैध वसूली का व्यापार- हजारों करोड़ का है कारोबार

PATNA: बिहार में जून महीने में सरकारी महकमें में जबरदस्त सेटिंग की बात सामने आती है। पैसे के बल पर चहेते अधिकारियों-कर्मियों की पोस्टिंग की जाती रही है। इस बार भी जून महीने में जबरदस्त तरीके से खेल हुआ है। इस बार तो सत्ताधारी दल के विधायकों-मंत्रियों ने ही ट्रांसफर-पोस्टिंग में हुई वसूली और अफसरशाही से पर्दा उठा दिया है। परिवहन विभाग में स्थानांतरण में चहेते सरकारी सेवकों पर कृपा बरसाने पर राजद ने सीएम नीतीश पर बड़ा हमला बोला है। राजद ने कहा है कि सुशासन राज में तबादला उद्योग हजारों करोड़ का कारोबार है। 

अवैध वसूली का व्यापार- हजारों करोड़ का है कारोबार !

परिवहन विभाग में सेटिंग का खुलासा हुआ है।30 जून को हुए स्थानांतरण में चहेतों को सेट कर दिया। जानकार तो बताते हैं कि इसमें करोड़ों का वारा-न्यारा हुआ है। एक चहेते एमवीआई के आगे पूरा सिस्टम नतमस्तक हो गया। परिवहन विभाग का 2018 और 2021 का स्थानांतरण  आदेश देखेंगे तो सबकुछ पानी की तरह साफ हो जाएगा। विभाग के दोनों स्थानांतरण आदेश देखने के बाद आप कहेंगे कि बिना कृपा बरसे यह काम संभव नहीं। राजद ने इस खुलासे पर सीएम नीतीश को कटघरे में खड़ा किया है। राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा है कि सुशासन बाबू की है सरकार-भ्रष्टाचार बन गया शिष्टाचार.अवैध वसूली का व्यापार- हजारों करोड़ का है कारोबार ! जय हो नीतीश कुमार! ट्रांसफर-पोस्टिंग में करोड़ों की वसूली! परिवहन विभाग भी हुआ बेनकाब, एक MVI पर 2018 से ही बरसाई जा रही 'कृपा' । 

 बेनकाब हुआ परिवहन विभाग!

परिवहन विभाग ने तीन साल पहले 22 जून 2018 को 21 मोटरयान निरीक्षकों का स्थानांतरण-अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया था। विभाग के उस आदेश में 19 वें नंबर पर एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह का नाम था। जिन्हें रोहतास से स्थानांतरण कर पटना पदस्थापित किया गया। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने अपने कार्यों के अतिरिक्त परिवहन मुख्यालय में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया। विभाग के आदेश पर एमवीआई ने तीन सालों तक पटना जिला और परिवहन मुख्यालय का काम देखा। तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद परिवहन विभाग ने 30 जून 2021 को एमवीआई के स्थानांतरण का दूसरा आदेश जारी किया। विभाग के नये आदेश में खास एमवीआई पर फिर से कृपा बरसाई गई। इस बार चहेते एमवीआई को पटना जिला से स्थानांतरित कर गया पदस्थापन किया गया। इसके साथ ही लगे हाथ पटना परिवहन मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया। अब आप समझ गये होंगे कि खेल क्या है........दरअसल चहेते एमवीआई को किसी कीमत  पर पटना से बाहर नहीं जाने देना है। लिहाजा फिर से मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। 2018 में पटना के एमवीआई पद पर पदस्थापना के साथ ही एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह को पटना मुख्यालय का प्रभार दिया गया.इस आधार पर कि पटना जिला पदस्थापित किया गया। 2021 में उस सरकारी सेवक का स्थानांतरण गया जिला किया जाता है। लेकिन इस बार पटना वाले एमवीआई को मुख्यालय का प्रभार नहीं दिया गया फिर से उन्हीं को जिसे पटना से गया में पदस्थापित किया गया था पटना मुख्यालय का प्रभार दे दिया गया।

देखिए 2018 का परिवहन विभाग का आदेश 

पटना और गया में एक साथ ड्यूटी!

परिवहन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पटना एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह की सेटिंग काम कर गई। उन्हें भले ही गया पदस्थापित कर दिया गया हो लेकिन अतिरिक्त प्रभार पटना मुख्यालय दे दिया गया।इस तरह से वे पटना में बने रहेंगे। परिवहन विभाग के इस आदेश पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। परिवहन विभाग ने पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह को गया पदस्थापित कर दिया। जबकि साल भर पहले गया में पदस्थापित एमवीआई को वहां से हटा दिया गया है। परिवहन विभाग ने पटना के एमवीआई को मुख्यालय का प्रभार देने की बजाए पटना से गया भेजे गये मृत्युंजय सिंह को ही प्रभार दे दिया। अब वे गया जैसे महत्वपूर्ण जिला और पटना परिवहन मुख्यालय का काम एक साथ देखेंगे। अब समझा जा सकता है कि कोई अधिकारी गया और पटना में ड्यूटी कैसे कर सकता है?

2021 का स्थानांतरण आदेश देखें....


मंत्री का फोन महिला असिस्टेंट उठाई,बोली-मंत्री जी बाहर गई हैं

हमने परिवहन मंत्री शीला कुमारी को फोन किया। मंत्री के मोबाईल नंबर पर फोन किया गया तो उधर से किसी महिला असिस्टेंट ने फोन उठाया। हमने उनसे पूछा कि मंत्री जी से बात हो सकती है? मंत्री के असिस्टेंट ने जवाब दिया, मंत्री जी से बात नहीं हो सकती वे बाहर गई हैं। बड़ा सवाल यही है कि क्या मंत्री जी फोन छोड़कर बाहर गई हैं या फिर न्यूज4नेशन के सवालों का जवाब देना नहीं चाहतीं?  वहीं राजद ने स्थानांतरण-पदस्थापन में हुई भारी गड़बड़ी और करोड़ों की वसूली पर नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अब तो सत्ताधारी विधायक ही इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए। इस सरकार में 80 फीसदी भ्रष्टाचारी हैं। 


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