सुशासन की सच्चाईः अरबो खर्च के बाद भी सरकारी अस्पताल क्यों बने हैं भूतबंगला? RJD का पोल-खोल अभियान जारी

सुशासन की सच्चाईः अरबो खर्च के बाद भी सरकारी अस्पताल क्यों बने हैं भूतबंगला? RJD का पोल-खोल अभियान जारी

PATNA: कोरोना संकट में बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पूरी पोल खुल गई है। पटना का पीएमसीएच हो या एनएमसीएच या फिर जिला और प्रखंड लेवल का पीएचसी। सभी अस्पतालों की कमोबेश वही स्थिति है। सरकार बजट का बड़ा भाग अस्पतालों के भवन निर्माण पर खर्च करती है। इसकी हकीकत भी सामने आ गई है। हर साल अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर पीएचसी,रेफरल अस्पताल,अनुमंडलीय अस्पताल के जीर्णोद्धार के नाम पर करोड़ों रू पानी की तरह बहाये जाते हैं ।वास्तविकता यही है कि पैसे कागजों पर ही खर्च हो जाते हैं. सरकार पीएचसी का भवन बनाने में दिलचस्पी दिखाती है. लेकिन सिर्फ भवन बनाने से स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकता। इसके लिए डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ चाहिए। राजद ने भूतबंगला बने सरकारी अस्पतालों की पोल खोलने का अभियान चला रखा है। आरजेडी ने अब तक सैकड़ों अस्पतालों के भवन जो भूतबंगला बन गये हैं उसके माध्यम से सुशासन की सरकार को आईना दिखाया है। 

राजद ने सुशासन को दिखाया आईना

राजद ने पिछले एक हफ्ते से अब तक सैकड़ों अस्पताल भवनों की तस्वीर को शेयर किया है। राजद नेताओं की तरफ से पंचायत,प्रखंड,अनुमंडल में बने सरकारी अस्पताल जो भूतबंगला,गोशाला या खंडहर बन गये हैं उनकी तस्वीर को शेयर कर यह बताने की कोशिश की है कि सुशासन राज की हकीकत क्या है....। अस्पताल भवनों की तस्वीर के माध्यम से राजद नेता नीतीश सरकार को आईना दिखा रहे हैं। राजद ने अस्पताल भवनों के जीर्णोद्धार के नाम पर अरबो रू खर्च करने के बाद भी खंडहर बने भवनों को दिखाकर पूछ रहा कि क्या यहीं मरीजों का इलाज होता है? आप राजद और उनके नेताओं के ट्वीटर अकाउंट को देखेंगे तो पता चलेगा कि सैकडों अस्पताल जिसे सरकार दावा करती है कि वो बेहतर स्थिति में है और वहां लोगों का इलाज हो रहा उसकी हकीकत को उजागर किया है। 

  राजद के ऑफिसियल ट्वीटर अकाउंट से आज भी कई जिलों के अस्पतालों की वास्तविकता की तस्वीर को शेयर किया गया है। राजद ने आज रामगढ़ विधानसभा अंतर्गत दुर्गावती प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र कबिलासपुर की तस्वीर जारी किया है। राजद ने ट्वीटर पर लिखा है कि ये कोई पशुओं को बांधने वाला पुराना घर या कोई खंडहर नहीं! बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र कबिलासपुर है जो रामगढ़ विधानसभा अंतर्गत दुर्गावती प्रखंड में आता है। ये जर्जर भवन आपके सामने नीतीश कुमार और भाजपा द्वारा किए गए क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य व्यवस्था की मिसाल पेश कर रहा है। इसके अलावे एक और अस्पताल की पोल खुली है। यह बांका जिला में बौंसी प्रखण्ड के बभनगामा में स्तिथ स्वास्थय उपकेन्द्र है। स्वास्थय उपकेन्द्र की हालत तो देखिये यहां आदमी इलाज क्या जानवर भी रहना पसंद नहीं करेगा।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंगल पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग को बर्बाद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। हर दिन राजद के नेता 10 से अधिक अस्पतालों की हकीकत को उजागर कर रहे हैं। यह पोल-खोल अभियान एक हफ्ते से जारी है। 

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