सुशील मोदी को उपेंद्र कुशवाहा ने दी चुनौती, तथ्यों के साथ आऊंगा गेट खोल के रखेंगे

सुशील मोदी को उपेंद्र कुशवाहा ने दी चुनौती, तथ्यों के साथ आऊंगा गेट खोल के रखेंगे

PATNA : बिहार में केंद्रीय विद्यालय पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के आमरण अनशन पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के सवाल करने पर रालोसपा ने पलटवार किया है. पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सुशील मोदी को चुनौती दी है और कहा है कि तथ्यों के साथ आऊंगा. सारे कागजात सामने रखूंगा दरवाजा खोल के रखेंगे. मेरे आने की खबर सुन कर भागेंगे नहीं.

सुशील मोदी के उपेंद्र कुशवाहा पर केंद्र में मंत्री रहते हुए एक भी केंद्रीय विद्यालय नहीं खुलवाने के सवाल पर रालोसपा ने कहा कि सुशील मोदी हिसाब में कमजोर हैं और तथ्यों की जानकारी नहीं लेते हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने सुशील मोदी के ट्वीट पर सवाल खड़ा किया और कहा कि केंद्र में मंत्री रहते हुए नबीनगर में  एनटीपीसी की इकाई नेशनल पॉवर जेनरेशन कारपोरेशन  (एनपीजीसी) में केंद्रीय विद्यालय खुलवाया और नवादा व देवकुंड में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दिलवाई. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इनके अलावा शेखपुरा, कैमूर, सुपौल, अरवल और मधुबनी में मंत्रालय की योजना में शामिल कर प्रस्ताव मांगा.डेहरी के अकोढ़ीगोला का प्रस्ताव को भी आपने रोका. कुशवाहा ने कहा कि अभी मैं इलाज के लिए दिल्ली जा रहा हूं. दूसरे हफ्ते में लौटकर आपके आवास पर प्रमाण के साथ आऊंगा. गेट मत बंद करवाईएगा, प्लीज.

पार्टी नेता फजल इमाम मल्लिक ने कहा कि सुशील मोदी को ट्वीट करने से पहले तथ्यों की जानकारी ले लेनी चाहिए थी. मल्लिक ने कहा कि सुशील मोदी को यह पता होना चाहिए कि उपेंद्र कुशवाहा केंद्र में कितने दिन मंत्री रहे. उन्होंने सुशील मोदी के ट्वीट पर तंज करते हुए कहा कि मोदी का हिसाब कमजोर है. वे नीतीश के स्कूल के ही छात्र हैं तो ऐसा होगा ही. बिहार में स्कूलों की जो हालत है उसे देखते हुए सुशील मोदी का हिसाब बेहतर कैसे हो सकता है. मल्लिक ने कहा कि जिस प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का हिसाब और सामान्य ज्ञान ऐसा है तो बिहार के स्कूलों की हालत को समझा जा सकता है.  मल्लिक ने कहा कि सुशील मोदी अपना गणित और सामान्य ज्ञान ठीक करें, उपेंद्र कुशवाहा केंद्र में पांच साल तक मंत्री नहीं रहे थे. सिर्फ खबरों में बने रहने के लिए वे बयान देते हैं, या फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो बताते हैं वह बोल देते हैं. मल्लिक ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के अनशन की वजह से सुशील मोदी के शब्दों का ‘ज्ञान’थोड़ा बढ़ा है. सुशील मोदी को इसके लिए उपेंद्र कुशवाहा को धन्यवाद देना चाहिए. मल्लिक ने कहा कि सुशील मोदी अनिश्चितकालीन अनशन और आमरण अनशन के फर्क को अब समझने लगे हैं, शायद उन्हें अपना अनशन याद आ गया होगा, जब चुल्लू भर पानी जमा हुआ था और उन्होंने अनशन की नौटंकी की थी. उनके उप मुख्यमंत्री रहते तो पूरा पटना डूब गया, उन्हें शर्म आई या नहीं यह बताएंगे सुशील मोदी.

मल्लिक ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा ने आमरण अनशन के दौरान भी चुनौती दी थी कि वे सार्वजनिक मंच पर सरकार के किसी भी मंत्री के साथ आमने-सामने बैठ कर केंद्रीय विद्यालय के सवाल पर बहस करने को तैयार हैं. सुशील मोदी में हिम्मत है तो वे इस चुनौती को स्वीकार करें. मल्लिक ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया के सामने कहा था कि जिन मुद्दों को लेकर उन्होंने आमरण अनशन किया है अगर सरकार साबित कर दे कि वे गलत हैं तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे. सुशील मोदी चुनौती स्वीकार करें और सार्वजनिक मंच पर सामने आ कर केंद्रीय विद्यालय के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा से बहस करें.

पटना से विवेकानन्द की रिपोर्ट

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