नागमणि पर बोलने से बच रहे उपेन्द्र कुशवाहा, आखिर चुप्पी की क्या है वजह... जानिए

नागमणि पर बोलने से बच रहे उपेन्द्र कुशवाहा, आखिर चुप्पी की क्या है वजह... जानिए

PATNA : आरएलएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि पर सीधे-सीधे बोलने से बच रहे हैं।शायद उन्हें लगता है कि उनके बोलने से कुशवाहा समाज में उनकी छवि खराब होगी। लिहाजा उन्होंने पार्टी के दूसरे कतार के नेताओं को लगा दिया है।खुद अपने नाग के मामले में चुप्पी साध ली है।

पत्रकारों के सवालों से बचते रहे कुशवाहा

पटना के कोतवाली थाना में गिरफ्तारी देने के बाद वापस लौटते समय कुशवाहा से नागमणि के संबंध में सवाल पूछा गया। पहले तो उन्होंने सवाल को अनसुना किया। लेकिन बार-बार नागमणि के संबंध में सवाल पूछने पर उपेन्द्र कुशवाहा इस मुद्दे पर बोलने के बजाए आगे निकलते गए। दरअसल उपेन्द्र कुशवाहा को पता है कि नागमणि जगदेव प्रसाद के पुत्र हैं। जिनका नाम लेकर वे खुद कुशवाहा समाज की राजनीति करते हैं। अगर नागमणि पर वे खुद हमला बोलेंगे तो इसका सीधा नुकसान होगा। जगदेव प्रसाद के पुत्र होने के नाते कुशवाहा समाज में उनकी अच्छी पैठ है।खासकर मगध के इलाके में उनकी अच्छी पैठ है।

बता दें कि नागमणि ने रालोसपा के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाए जाने और पार्टी द्वारा शो कॉज दिए जाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा  पर बड़ा हमला बोला था। नागमणि ने कहा था कि उपेन्द्र कुशवाहा दलालों के चक्कर में फंस गए हैं और कुशवाहा समाज उनको सबक सिखाएगा।

नागमणि ने अपने उपर हुई कार्रवाई को लेकर सीधे तौर पर पार्टी के महासचिव आनंद माधव को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा है कि यह उसी का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि मैनें नीतीश कुमार के साथ किसी तरह का कोई राजनीतिक मंच साझा नहीं किया है। शुक्रवार को वे शहीद जगदेव बाबू की प्रतिमा का अनावरण समारोह में सीएम नीतीश के साथ मंच साझा करने पहुंचे थे।  रालोसपा ने पार्टी विरोधी गतिविधि के कारण पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नागमणि को  पद से हटाने के साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी आलाकमान उपेंद्र कुशवाहा ने नागमणि को तीन दिन का समय दिया है और उसके बाद उन्हें पार्टी से निकाला जा सकता है। 

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