उर्वरकों की नहीं है कोई कमी, निर्धारित मूल्य पर बिक्री सिनिश्चित करायें जिला कृषि पदाधिकारी- डा॰ प्रेम कुमार

उर्वरकों की नहीं है कोई कमी, निर्धारित मूल्य पर बिक्री सिनिश्चित करायें जिला कृषि पदाधिकारी- डा॰ प्रेम कुमार

GAYA ; बिहार के कृषि मंन्त्री डॉ. प्रेम कुमार ने यूरिया एवं अन्य उर्वरकों के अधिक मूल्य पर बेचे जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुये मगध प्रमण्डल के संयुक्त निदेशक रतन भगत से प्रमण्डल के 5 जिलों गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा और औरंगाबाद में खरीफ 2020 के लिये आवश्यक उर्वरकों की मात्रा एवं जिलों में उनकी उपलब्धता की जानकारी लिया.

जानकारी लेने के बाद मंत्री ने कहा कि उर्वरक निर्धारित मूल्य पर किसानों को मिले इसके लिये जिला कृषि पदाधिकारी जवाबदेह होते हैं. उर्वरकों को उनके निर्धारित मूल्य पर बेचे जाने के लिये जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर निगरानी समिति गठित है. इन निगरानी समितियों की नियमित अन्तराल पर बैठक होती रहती है. प्रमण्डल के सभी जिलों में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित हो गयी है. जहानाबाद के घोसी, मोदनगंज एवं जहानाबाद प्रखण्ड को छोड़कर अन्य 58 प्रखण्डों में इसकी बैठक अभी नहीं हुई है जल्दी ही बैठक आयोजित की करायी जानी है. गया में 37000 मि॰टन यूरिया की आवश्यकता के विरुद्ध 12384 मि॰टन उपलब्ध है. जहानाबाद में 17000 मि॰ टन यूरिया की आवश्यकता है जबकि 5980 मि॰टन उपलब्ध है। 

अरवल में 6347 मि॰टन यूरिया की आवश्यकता है जबकि 4431 मि॰टन यूरिया उपलब्ध है। नवादा में 16000 मि॰टन यूरिया की आवश्यकता है जबकि 3234 मि॰टन यूरिया उपलब्ध है। औरंगाबाद में 36000 मि॰टन यूरिया की आवश्यकता है जबकि 12566 मि॰टन यूरिया उपलब्ध है। धान की रोपाई के समय प्रायः डी॰ए॰पी॰ का उपयोग होता है, प्रमण्डल के सभी जिलों में पर्याप्त डी॰ए॰पी॰ उपलब्ध है गया में डी॰ए॰पी॰ की आवश्यकता 9601 मि॰टन जबकि उपलब्धता 5008 मि॰टन है, जहानाबाद में 4200 मि॰टन डी॰ए॰पी॰ की आवश्यकता है जबकि 1171 मि॰टन उपलब्ध है, अरवल में 1693 मि॰टन॰ डी॰ए॰पी॰ की आवश्यकता है जबकि 1114 मि॰टन उपलब्ध है, नवादा में 3800 मि॰टन डी॰ए॰पी॰ की आवश्यकता है जबकि 1392 मि॰टन उपलब्ध है, औरंगाबाद में 7800 मि॰टन डी॰ए॰पी॰ की आवश्यकता है जबकि 4146 मि॰टन उपलब्ध है। 

मंत्री ने राज्य के कृषि सचिव एवं कृषि निदेशक को पत्र लिखकर उर्वरकों को निर्धारित मूल्य पर बेचा जाना सुनिश्चित करने को कहा है। जिलों की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता के अनुसार उर्वरकों को उपलब्ध कराने एवं जिला से लेकर प्रखण्ड, पंचायत तक की दुकानों पर रोस्टर के अनुसार प्रखण्ड कृषि पदाधिकारियों एवं कृषि समन्वयकों की प्रतिनियुक्ति कर दिन प्रतिदिन का स्टॉक वैरिफिकेशन कराने को कहा है। थोक विक्रेताओं द्वारा उर्वरकों के साथ एन्जाईम एवं जिंक की अनिवार्य खरीददारी के शर्त को गलत ठहराते हुये इस प्रकार के डीलरों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उर्वरकों की बिक्री अनिवार्य रुप से POS मशीन से कराने एवं उर्वरक क्रय करने वाले किसानों के पंजीकरण संख्या एवं उनके द्वारा क्रय किये गये उर्वरक की मात्रा को पंजी में संधारित करनें का कहा। साथ ही अधिक मूल्य पर उर्वरक बिकने की जांच करते हुये संबंधित विक्रेता एवं पदाधिकारी पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गया से मनोज की रिपोर्ट

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