राज्यपाल कोटे से भरी जाने वाली सीटों के लिए नाम लगभग तय, इन लोगों के विप जाने की संभावना

राज्यपाल कोटे से भरी जाने वाली सीटों के लिए नाम लगभग तय, इन लोगों के विप जाने की संभावना

PATNA : बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद राज्यपाल कोटे से मनोनीत होने वाली 12 विधानसभा परिषद सदस्य (एमएलएसी) सीटों पर ग्रहण लग गया था. चुनावी आचार संहिता लागू हो जाने के बाद अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कला, शिक्षा और साहित्य से जुड़े लोगों को राज्य के उच्च सदन में नहीं भेज पाए. लेकिन बिहार में नयी सरकार का गठन हो जाने के बाद 12 सीटों पर इन क्षेत्रों से भेजने का फैसला हो किया गया है. 

राज्य की एनडीए सरकार की ओर से इसके लिए इसके लिए लगभग उम्मीदवार तय कर लिए गये हैं. भाजपा की ओर से जिन लोगों को विधान परिषद में भेजने की संभावना जताई जा रही है. उसमें जनक राम, राजेंद्र गुप्ता/शिवनारायण महतो, प्रेम रंजन पटेल/प्रमोद चन्द्रवंशी, देवेश कुमार/अनिल शर्मा, निवेदिता सिंह और घनश्याम ठाकुर शामिल है. वहीँ जदयू की ओर से जिन उम्मीदवारों के विधान परिषद् भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है. उसमें सत्य प्रकाश/संजय सिंह, संजय गाँधी/रविन्द्र सिंह, अशोक चौधरी, ललन सर्राफ, उमेश कुशवाहा/ उमेश कुशवाहा की पत्नी, सुमन मलिक/राजीव रंजन शामिल है. 

बता दें कि राज्यपाल कोटे की एमएलसी सीटों पर खेल, कला, विज्ञान, शिक्षा, साहित्य आदि क्षेत्रों से आने वाले विद्वानों को मनोनीत किया जाता है. राज्यपाल द्वारा मनोनीत होने वाले एमएलसी सदस्यों के नामों की सिफारिश राज्य सरकार ही करती है. इसके बावजूद यह राज्यपाल के ऊपर निर्भर करता है कि सरकार के अनुरोध को मानें या नहीं. राज्यपालों का यह आग्रह रहता है कि जिन नामों की सिफारिश राज्य सरकार कर रही है, वे गैर राजनीतिक हों. इसके बाद भी सत्ता पर काबिज सियासी पार्टियां अपने-अपने नेताओं को ही राज्यपाल कोटे के तहत एमएलसी के लिए नामित करने की सिफारिश करती हैं. ऐसे में सरकार द्वारा भेजे गए किसी नाम पर राज्यपाल को कोई आपत्ति होती है तो वो उसे वापस कर सकते हैं. इसके बाद सरकार फिर किसी दूसरे नाम की सिफारिश कर सकती है.

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट


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