महिलाओं के सम्मान के साथ विधानसभा के नए दिन का शुभारंभ, अध्यक्ष ने कहा - महिलाओं के बिना समाज अधूरा

महिलाओं के सम्मान के साथ विधानसभा के नए दिन का शुभारंभ, अध्यक्ष ने कहा - महिलाओं के बिना समाज अधूरा

पटना। बिहार विधानसभा में भी हुई महिला दिवस की चर्चा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा महिलाओं के बिना समाज अधूरा है, इनके बिना जीवन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज की अवधारणा है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता का वास होता है। महिलाएं हमारे जीवन की प्रेरणा है। वह सृष्टि के निर्माण की सृजनकर्ता हैं। उनके योगदान के लिए समाज सदा ऋणी रहेगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के साथ कभी भी लिंगभेद के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। वह खेत-खलिहान से लेकर असिमित आसमान तक वह अपने बुलंदियों का परचम लहरा रही हैं। वह अपनी काबिलियत से पहचान स्थापित कर चुकी है। आज महिलाएं हर स्वरुप में सशक्त हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा आज बेटा - बेटी में फर्क करने की सोच रखना पूरी तरह से गलत है। इस दौरान उन्होंने बेटियों के लिए कहा कि हाथ में कलम से पढ़ाती से है बेटियां, पटरियों पर ट्रेन दौड़ाती हैं बेटियां, है हौंसला उनके हृदय में अपार, तभी तो फाइटर प्लेन भी उड़ाती है बेटियां।

सदन में आज महिलाओं को दी गई वरीयता

इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पूरा सदन इस बात से इत्तफाक रखता है। उन्होंने कहा कि बिहार की यह विधायिका महिलाओं को समाज में मुख्य धारा में आगे बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी राजनीतिक दल धन्यवाद के पात्र हैं। जब भी दुनिया में महिलाओं को अधिकार देने की बात होती है, तो बिहार मिसाल के रूप में पेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कार्य किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने महिलाओं को सम्मान देते हुए कहा कि आज के दिन सदन में होनेवाले सभी सूचीबद्ध कार्यक्रमों में महिलाओं को प्रधानता दिया जाए। 

वहीं राजद के भाई विरेंद्र ने कहा कि बिहार में महिलाओं के साथ होनेवाले अपराध पर रोक लगाने की पहल की जाए। उन्होंने कहा कि देश के पीएम और बिहार सीएम को भी इस संबंध में पत्र जारी किया जाए।


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