विधानसभा के तीन समितियों की हुई आज पहली बैठक, अध्यक्ष ने सदस्यों को दी कई जानकारी

विधानसभा के तीन समितियों की हुई आज पहली बैठक, अध्यक्ष ने सदस्यों को दी कई जानकारी

PATNA : बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आज बिहार विधान सभा की नवगठित लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति एवं पुस्तकालय समिति की प्रथम बैठक को संबोधित किया। इन समितियों की  सभापतियों द्वारा समिति की प्रथम बैठक में बिहार विधान सभा के अध्यक्ष का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया और बैठक को संबोधित करने का आग्रह किया गया। लोक लेखा समिति की प्रथम बैठक को संबोधित करते हुए विजय कुमार सिन्हा, अध्यक्ष, बिहार विधान सभा ने कहा कि विधान सभा की तीनों वित्तीय समितियों में लोक लेखा समिति काफी महत्वपूर्ण है। इसे कार्य रूप में लाने के लिए विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली में विशिष्ट प्रावधानों का उल्लेख किया गया है जो काफी पारदर्शी है। सदन द्वारा लोक लेखा समिति को यह उत्तरदायित्व दिया गया है कि लोक लेखा समिति सी0ए0जी0 के प्रतिवेदनों यथाः- वित्त लेखे, विनियोग लेखे, राज्य का वित्त, सामान्य, सामाजिक एवं आर्थिक प्रक्षेत्र, राजस्व प्रक्षेत्र तथा स्थानीय निकाय के आधार पर इसकी जाँच करें, जो संविधान के अनुच्छेद 148 से 151 तक में उल्लेखित है। इस समिति द्वारा वित्त विभाग तथा प्रधान महालेखाकार के सहयोग से सरकार द्वारा खर्च किये गये धन का लेखा-जोखा रखा जाता है और समय-समय पर समिति द्वारा विकास कार्य में त्रुटियों को भी उजागर किया जाता है, ताकि जनता के लिए विकास कार्य लगातार सुचारू रूप से होता रहे। इसके लिए बिहार सरकार के वित्त विभाग और प्रधान महालेखाकार कार्यालय से समिति को सहयोग की अपेक्षा रहेगी। समिति के लिए वैसे सदस्यों का मनोनयन किया गया है जो अनुभवी एवं विधायी कार्यो में रूची रखते है। उन्होंने समिति के सभी सदस्यों से लंबित कंडिकाओं का अध्ययन कर समिति की बैठक में भाग लेने की अपील की ताकि उन कंडिकाओं का त्वरित निष्पादन हो सके। इस दौरान समिति के सभापति सुरेन्द्र प्रसाद यादव सहित समिति के अन्य सदस्यगण तथा पी. के. सिंह, प्रधान महालेखाकार, बिहार तथा उनके पदाधिकारीगण एवं एस. सिद्धार्थ, प्रधान सचिव, वित्त विभाग, बिहार सरकार एवं उनके पदाधिकारीगण भी मौजूद थे। 


प्राक्कलन समिति की प्रथम बैठक को संबोधित करते हुए विजय कुमार सिन्हा,  अध्यक्ष, बिहार विधान सभा ने कहा कि ‘‘संसदीय परंपरा में समिति प्रणाली का निर्माण विधायिका का कार्यपालिका से समन्व्य स्थापित कर जनहित के कार्यों को करने के लिए किया गया है। प्राक्कलन समिति एक महत्वपूर्ण वित्तीय समिति है, जिसका दायित्व बहुत व्यापक है। समिति ऐसे प्राक्कलनों की जांच करती है, जिनकी जांच  करना वह उचित समझे या जो सभा या अध्यक्ष द्वारा विशेष रूप से जांच के लिए उसे सौंपे जायें। इस समिति के सभापति नंदकिशोर यादव के संसदीय अनुभव से आप सभी लाभ उठाकर नये कीर्तिमान रचें जिससे लोक निधि का जनहित में व्यापक उपयोग हो सके।’’ इस दौरान समिति के सभापति नंद किशोर यादव सहित समिति के अन्य सदस्यगण भी मौजूद थे ।  

पुस्तकालय समिति की प्रथम बैठक को संबोधित करते हुए विजय कुमार सिन्हा, अध्यक्ष, बिहार विधान सभा ने कहा कि ‘‘बिहार विधान सभा की यह समिति पहले सिर्फ विधान सभा पुस्तकालय के संबंध में ही विचार-विमर्श किया करती थी, लेकिन अब यह समिति राज्य के अन्य नये पुस्तकालयों के सृजन, राज्य में सरकार द्वारा संपोषित एवं निबंधित पुस्तकालयों के क्रिया कलाप की समीक्षा करेगी तथा राज्य में जनता के लिए उपयोगी बनाने हेतु प्रतिवेदन के माध्यम से अनुशंसा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विधान सभा पुस्तकालय में भी आधुनिकीकरण के कार्य हुए हैं। डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया के तहत यहाँ की पुस्तकों का डेटाबेस बना है तथा विधान सभा की कार्यवाहियों का भी डिजिटाईजेशन हुआ है। बिहार विधान सभा सचिवालय द्वारा एक पत्रिका के प्रकाशन की कार्रवाई भी शीघ्र शुरू करने पर विचार किया जा रहा है, जिसके लिए सभी सदस्यों और पूर्व सदस्यों से उनके बहुमूल्य सुझाव लिये जायेंगे। मुझे विश्वास है कि यह समिति राज्य में पुस्तकालयों के संवर्धन के लिए बेहतर अनुशंसा करेगी।’’ इस दौरान समिति के सभापति सुदामा प्रसाद सहित समिति के अन्य सदस्यगण भी मौजूद थे।  इन सभी समितियों की बैठक में बिहार विधान सभा के सचिव राजकुमार सिंह एवं सभा सचिवालय के पदाधिकारीगण मौजूद थे।

पटना से विवेकानन्द की रिपोर्ट 

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